6जी तकनीक में हम दुनिया का नेतृत्व करेंगे :सिंधिया

नयी दिल्ली. दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि संचार की 5जी तकनीक के मामले में भारत की सफलता केवल देश की नहीं बल्कि पूरे विश्व की कहानी बन गई है और भारत 6जी में दुनिया का नेतृत्व करेगा. उन्होंने प्रश्नकाल में पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में 5जी तकनीक देश की ही नहीं, विश्वव्यापी सफलता की कहानी बन गई है. भारत ने 4जी में दुनिया का अनुसरण किया, 5जी में दुनिया के साथ चला और हम 6जी में विश्व का नेतृत्व करेंगे.” सिंधिया ने जनता दल (यू) के दिलेश्वर कामैत के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह भी कहा कि 2023 में 5जी का क्रियान्वयन शुरू होने से लेकर आज तक करीब 5 लाख बीटीएस (बेस ट्रांसीवर स्टेशनत) लग चुके हैं.

उन्होंने कहा कि देश के 778 जिलों में से 767 जिलों में 5जी की कनेक्टिविटी उपलब्ध है. सिंधिया के मुताबिक आज देश में कुल मिलाकर 36 करोड़ 5जी उपभोक्ता हैं जिनकी संख्या 2026 तक बढ़कर 42 करोड़ होने और 2030 तक 100 करोड़ होने का पूर्वानुमान है. मंत्री ने कहा, ”5जी के आधार पर ही हम 6जी की दिशा में निरंतर चल रहे हैं.” ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या के संबंध में द्रमुक सदस्य कलानिधि मारन के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए सिंधिया ने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में सेटेलाइट कनेक्टिविटी की जरूरत है, जहां सामान्य दूरसंचार संपर्क नहीं है.

उन्होंने कहा, ”ऐसे नागरिकों को हम सेटकॉम के माध्यम से संपर्क प्रदान करते हैं. हम इस दिशा में काम कर रहे हैं. दूरसंचार मंत्री के रूप में मेरा लक्ष्य सभी उपभोक्ताओं को सारे विकल्प उपलब्ध कराने का है.” सिंधिया ने कहा कि सेटकॉम के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित होने वाले हैं और इसके लिए स्टारलिंक, वनवेब तथा रिलायंस को लाइसेंस दिए गए हैं.

उन्होंने विमानों में दूरसंचार संपर्क नहीं रहने संबंधी मारन के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा, ”दूरसंचार विभाग की बात करें तो हम उड़ानों में दूरसंचार संपर्क को लेकर नियम बना रहे हैं. हमने इसके लिए रूपरेखा चिह्नित की है. दूरसंचार विभाग की ओर से सारी तैयारी है.” सिंधिया ने कहा कि इसके लिए नागर विमानन मंत्रालय को नियम परिभाषित करने होंगे और विमानन कंपनियों को हर विमान पर ट्रांसपोंडर लगाने होंगे ताकि सिग्नल मिलें. उन्होंने कहा कि ट्रांसपोंडर लगाना विमानन कंपनियों पर निर्भर है.

जब मारन ने विमान यात्राओं के दौरान मोबाइल नेटवर्क में व्यवधान का विषय उठाया तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ”अच्छा है ढाई घंटे मोबाइल से बचोगे. जितनी कोशिश हो, मोबाइल से बचो. ढाई घंटे बच रहे हो, यही अच्छी बात है.” उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्ष में भारत के दूरसंचार उपकरणों के निर्यात में वृद्धि हुई है और यह आंकड़ा 2020-21 में 10 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 18,406 करोड़ रुपये हो चुका है, यानी निर्यात में 72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि वहीं, आयात का क्षेत्र थम गया है और जो आयात 2020-21 में 51 हजार करोड़ रुपये का था, वह आज भी उतना ही है.

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