थाने पर धावा बोलकर जहांगीर को छुड़ाने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी: शुभेंदु


कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा पुलिस थाने पर कथित रूप से धावा बोलकर हवालात में बंद तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को छुड़ाने की कोशिश में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फाल्टा में राज्य सरकार के जनसंपर्क कार्यक्रम ‘जनकल्याण शिविर’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिसर्किमयों और अर्धसैनिक बलों पर हमले के कथित वीडियो में दिख रहे किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटना के सिलसिले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस ने इस हमले के लिए खान की पत्नी को कथित तौर पर मुख्य साजिशकर्ता बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ”मैं मंगलवार को र्किसयांग में था। मैंने टेलीविजन पर देखा कि माफिया की पत्नी के नेतृत्व में कुछ लोगों ने पुलिसर्किमयों और अर्धसैनिक बलों पर हमले की कोशिश की। फाल्टा में कानून का शासन है। कोई माफिया कितना भी बड़ा क्यों न हो, भाजपा सरकार उन्हें सबक सिखाएगी।”
लोगों के एक समूह ने खान की रिहाई की मांग को लेकर मंगलवार को फाल्टा में विरोध प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व खान की पत्नी कथित तौर पर कर रही थीं, जिसके बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने भीड़ को तितर-बितर कर दिया था। सोशल मीडिया पर इसके कुछ वीडियो भी प्रसारित हुए हैं, जिसमें दिख रहा है कि पुलिस द्वारा खदेड़े जाने के बाद प्रदर्शनकारी भाग रहे हैं और पास के जलाशयों में कूद रहे हैं।
शुभेंदु ने कहा, ”वीडियो में दिख रहे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। मैं इस मंच से पुलिस अधीक्षक को निर्देश दे रहा हूं कि वे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करें। उन्हें ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी पुलिस, सरकारी कर्मचारियों या अर्धसैनिक बलों पर हमला करने की हिम्मत न कर सके।” खान को रंगदारी समेत विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज होने के बाद आठ जून को उत्तरी बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के निकट से गिरफ्तार किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, ”उन्हें न केवल जेल होगी, बल्कि हमला करने वालों की संपत्तियां भी जब्त कर उनकी नीलामी की जाएगी। हमारी ‘डबल-इंजन’ सरकार ऐसा करेगी। कानून का शासन स्थापित करना ही हमारा उद्देश्य है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं करेगी और उन्होंने लोगों से कानून को अपने हाथ में न लेने का आग्रह किया।






