अरावली की नई परिभाषा की वकालत करने वाले भूपेंद्र यादव तत्काल इस्तीफा दें: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने अरावली पर्वतमाला की पुनर्परिभाषा से जुड़े मामले पर उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए सोमवार को कहा कि अब पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए जो नई परिभाषा की बार – बार वकालत कर रहे थे. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘ पीटीआई – भाषा ‘ के साथ बातचीत में यह आरोप भी लगाया कि मोदी सरकार अरावली को बचाने का नहीं , बेचने का प्रयास का रही है.

रमेश ने कहा , ” कांग्रेस उच्चतम न्यायालय के आदेश का स्वागत करती है. मोदी सरकार द्वारा जिस तरह से परिभाषा बदलने की कोशिश की गई थी, उसका मकसद सिर्फ खनन की गतिविधियों, रियल स्टेट को बढ़ावा देना था. अरावली को पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है, उसे और भी मुसीबत में डालने के लिए नई परिभाषा तय की गई.” उनका कहना था, ”इस परिभाषा का विरोध सबने किया, भारतीय वन सर्वेक्षण ने विरोध किया, उच्चतम न्यायालय की समिति ने विरोध किया, न्याय मित्र ने विरोध किया. इसके बावजूद मोदी सरकार ने बुलडोजर चलाया और नई परिभाषा निकाली.”

रमेश ने कहा, ”उच्चतम न्यायालय ने अपने पहले के आदेश को स्थगित किया और कहा कि एक उच्च स्तरीय समिति का गठन होगा. हम इसका स्वागत करते हैं.” उन्होंने यह भी कहा, ”हम मांग करते हैं कि पर्यावरण मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए जो इस नई परिभाषा की बार-बार वकाल कर रहे थे.” यादव द्वारा कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाए जाने के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति कौन कर रहा है, यह अब पूरी तरह साफ हो गया है. रमेश ने आरोप लगाया, ”मोदी सरकार अरावली को बचाने के लिए नहीं, बेचने के लिए खूब प्रयास कर रही है.”

उन्नाव मामले में पीडि़ता और न्याय की जीत हुई, मोदी सरकार बेनकाब हुई: कांग्रेस

कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि उन्नाव बलात्कार मामले में उच्चतम न्यायालय का आदेश पीडि़ता, उसके परिवार और न्याय की जीत है. पार्टी की महिला इकाई की अध्यक्ष अलका लांबा ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में मोदी सरकार बेनकाब हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि बेटियों के अपराधियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए.

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें 2017 के उन्नाव बलात्कार मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया गया था.
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी तथा न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अवकाशकालीन पीठ ने सेंगर को नोटिस जारी कर सीबीआई की उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है.

अलका ने संवाददाताओं से कहा, ”यह पीडि़ता, उसके परिवार और उसके साथ खड़ी हर आवाज की जीत है. यह न्याय की जीत है. मगर यह लड़ाई अभी ख.त्म नहीं हुई है.” उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी कहते थे कि नाबालिग के बलात्कारियों को दोषी साबित होते ही फांसी दी जाएगी, लेकिन सभी ने देखा कि कैसे बलात्कारियों और अपराधियों को बचाया जा रहा है.

कांग्रेस नेता ने कहा, ”कुलदीप सिंह सेंगर हो, अंकिता भंडारी के दोषी हों या बिलकिस बानो के दोषी, नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार हर मामले में बेनकाब हुई है. अलका ने कहा, ”हमारी वकील पूरी तरह से पीडि़ता के साथ खड़ी रही, हमने यह लड़ाई कानूनी तौर पर लड़ने के साथ ही सड़कों पर भी संघर्ष किया. हम मांग करते हैं कि बेटियों के अपराधियों को रिहा करने और पैरोल पर छोड़ने का तमाशा बंद होना चाहिए, इन्हें सीधे फांसी की सजा मिलनी चाहिए.”

त्रिपुरा के युवक की हत्या भयावह घृणा अपराध, हमें मृत समाज नहीं बनना चाहिए: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने त्रिपुरा के एक युवक की देहरादून में हत्या को ”भयावह घृणा अपराध” करार देते हुए सोमवार को कहा कि ”हमें एक ऐसा मृत समाज नहीं बनना चाहिए” जो देशवासियों को निशाना बनाए जाने पर आंखें मूंद ले. गांधी ने यह दावा भी किया कि इस तरह की घटनाएं उस नफरत का नतीजा हैं, जो रोजाना युवाओं के बीच परोसी जा रही है. पश्चिम त्रिपुरा जिले के नंदननगर के 24-वर्षीय एंजेल चकमा ने नौ दिसंबर को देहरादून में जब नस्लीय टिप्पणी का विरोध किया, तब छह लोगों ने उसपर हमला किया था. इलाज के दौरान 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई.

राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह एक भयानक घृणा अपराध है. नफरत रातोंरात पैदा नहीं होती. इसे रोजाना, विशेष रूप से हमारे युवाओं को, जहरीली सामग्री और गैर-जिम्मेदाराना विमर्श के माध्यम से परोसा जा रहा है तथा और सत्तारूढ़ भाजपा के नफरत फैलाने वाले नेतृत्व द्वारा इसे सामान्य बना दिया गया है.”

उन्होंने कहा, ”भारत सम्मान और एकता (की नींव) पर बना है, न कि भय और दुर्व्यवहार पर. हम प्रेम और विविधता वाला देश हैं. हमें एक मृत समाज नहीं बनना चाहिए जो साथी भारतीय नागरिकों को निशाना बनाए जाने पर आंखें मूंद ले. हमें आत्मचिंतन करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि हम अपने देश को किस ओर जाने दे रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”मेरी संवेदनाएं चकमा परिवार और त्रिपुरा तथा उत्तर पूर्व के लोगों के साथ हैं. हमें आपको अपने भारतीय भाई-बहन कहने पर गर्व है.”

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