गोवा के नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत; प्रत्यक्षदर्शियों का दावा-अंदर फोड़े गए थे पटाखे

पणजी. उत्तर गोवा का लोगों से खचाखच भरा एक नाइटक्लब रविवार आधी रात के बाद आग की भीषण लपटों में घिर गया, जिससे 25 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए. इस हादसे ने क्लब में कथित अवैध गतिविधियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

पुलिस ने पहले कहा था कि ऐसा प्रतीत होता है कि संभवत: सिलेंडर विस्फोट के कारण आग लगी, लेकिन इस त्रासदी में बचे एक पर्यटक ने दावा किया कि नृत्य प्रस्तुति के दौरान आतिशबाजी की गई और वही आग लगने की असली वजह हो सकती है. अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लोग पणजी से 25 किलोमीटर दूर अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब के भूतल पर फंस गए थे, जिसके कारण अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई.

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प जताया, जिन्होंने सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन के बावजूद क्लब के संचाचन की अनुमति दी. एक ग्राम अधिकारी ने दावा किया कि निर्माण अनधिकृत था और मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस के मुताबिक, मृतकों में चार पर्यटक और 14 कर्मचारी शामिल हैं, जबकि बाकी सात की पहचान अभी नहीं हो पाई है.

कांग्रेस के एक नेता ने आरोप लगाया कि इस प्रतिष्ठान के पास अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) या शराब बेचने की अनुमति भी नहीं थी. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.’’ उन्होंने बताया कि क्लब प्रबंधक और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है.

अधिकारी के अनुसार, पुलिस ने अरपोरा-नागोवा पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर को हिरासत में लिया है, जिन्होंने 2013 में परिसर के लिए व्यापार लाइसेंस जारी किया था. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जताया.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘गोवा के अरपोरा में हुए हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को पचास-पचास हजार रुपये दिए जाएंगे.’’ प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आग पहली मंजिल पर लगी थी और भीड़भाड़ होने एवं छोटे दरवाजों के कारण लोग बाहर नहीं भाग सके.

मुख्यमंत्री सावंत ने बताया, ‘‘कुछ लोग भूतल पर भाग गए और वहीं फंस गए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम क्लब प्रबंधन और उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, जिन्होंने सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन के बावजूद इसे संचालित करने की अनुमति दी. राज्य में यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना ऐसे समय में हुई है, जब बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं. हम घटना की मजिस्ट्रेट से विस्तृत जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’’ सावंत ने कहा कि गोवा नाइटक्लब में लगी आग के मामले में मुख्य महाप्रबंधक सहित तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है.

उन्होंने कहा कि गोवा सरकार ने घटना की जांच के लिए समिति गठित की है, जो एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
राज्य पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि आग सिलेंडर में विस्फोट के कारण लगी थी, लेकिन कुछ प्रत्यक्षर्दिशयों ने दावा किया था कि आग क्लब की पहली मंजिल पर लगी थी, जहां पर्यटक नाच रहे थे. समय रहते बाहर निकलने में कामयाब रही दिल्ली की एक पर्यटक रिया ने दावा किया कि जब नृत्य प्रस्तुति दी जा रही थी, तो हर तरफ आतिशबाजी हो रही थी.

रिया के मुताबिक, ‘‘आग इसी वजह (आतिशबाजी) से लगी होगी. भगदड़ जैसी स्थिति हो गई थी.’’ हैदराबाद की रहने वाली फातिमा शेख ने कहा, ‘‘आग की लपटें उठते ही अफरा-तफरी मच गई. हम क्लब से बाहर भागे, तो देखा कि पूरा क्लब आग की लपटों में घिरा हुआ था. सप्ताहांत होने की वजह से नाइट क्लब खचाखच भरा हुआ था और ‘डांस फ्लोर’ पर कम से कम 100 लोग थे.’’ शेख ने बताया कि आग लगने के बाद कुछ पर्यटक नीचे की ओर भागे तथा भूतल पर स्थित रसोई में चले गए. उसने कहा, ‘‘वे (पर्यटक) अन्य कर्मचारियों के साथ वहीं फंस गए. कई लोग क्लब से बाहर निकलने में कामयाब रहे.’’

शेख के अनुसार, कुछ ही देर में पूरा क्लब आग की चपेट में आ गया. उसने कहा, ‘‘वहां ताड़ के पत्तों से बना एक अस्थायी ढांचा था, जिसने तेजी से आग पकड़ ली.’’ नाइट क्लब संकरी गलियों में स्थित होने के कारण दमकल की गाड़ियों के लिए क्लब तक पहुंचना संभव नहीं हो सका और उनके टैंकर को घटनास्थल से लगभग 400 मीटर दूर खड़ा करना पड़ा.

अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि संकरी गलियों के कारण घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो गया, जिससे आग पर काबू पाना एक चुनौतीपूर्ण काम बन गया. उन्होंने कहा कि पीड़ित भूतल पर ही फंस रहे, जिसके कारण अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई. इससे पहले दिन में अरपोरा-नागोआ पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर ने बताया कि क्लब सौरव लूथरा संचालित करते थे, जिनका अपने साझेदार के साथ विवाद था.

रेडकर ने कहा, ‘‘दोनों के बीच विवाद था और उन्होंने पंचायत में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. हमने परिसर का निरीक्षण किया और पाया कि उनके पास क्लब निर्माण की अनुमति नहीं थी.’’ रेडकर के मुताबिक, पंचायत ने क्लब ढहाए जाने का नोटिस जारी किया था, जिस पर पंचायत निदेशालय के अधिकारियों ने रोक लगा दी थी. नाइट क्लब में आग लगने की घटना के पीड़ितों के रिश्तेदार और परिचित गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के शवगृह के बाहर एकत्र होकर अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी मिलने का रविवार को बेसब्री से इंतजार करते दिखे.

झारखंड के कुछ लोगों ने कहा कि वे शवों को स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने मांग की कि नाइट क्लब मालिक शवों को गृहनगर वापस ले जाने की व्यवस्था करें. इन लोगों ने बताया कि उनके मूल निवास के चार लोग उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित उस नाइट क्लब में सहायक और रसोइये के रूप में काम करते थे. असम के पांच लोगों का एक और समूह भी शवगृह के बाहर बैठा देखा गया. इन लोगों ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया, लेकिन उनमें से एक ने दावा किया कि घटना में मारे गए लोगों में उनके दोस्त शामिल हैं.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी शवों की पहचान करने और पोस्टमॉर्टम करने में एक दिन लगेगा, उसके बाद ही शव परिजनों को सौंपे जाएंगे. गोवा चर्च ने इस घटना में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया. विपक्ष ने इस त्रासदी को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि अरपोरा में एक नाइट क्लब में आग लगने की घटना से उन्हें गहरा दुख हुआ है.
राहुल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ह्लशोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है; यह सुरक्षा और शासन की आपराधिक विफलता है. एक गहन और पारदर्शी जांच के जरिये जवाबदेही तय होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी रोकी जा सकने वाली त्रासदियां भविष्य में न हों.ह्व आम आदमी पार्टी (आप) की गोवा इकाई ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने सत्ता में बने रहने का ‘‘नैतिक अधिकार’’ खो दिया है, क्योंकि वह राज्य में प्रशासन को नियंत्रित करने में विफल रही है.

‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल उठाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने नाइट क्लब के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की, जबकि क्लब ने राज्य विधानसभा में मुद्दा उठाए जाने के बावजूद मानदंडों का कथित तौर पर पालन नहीं किया. कांग्रेस ने सावंत के इस्तीफे की मांग की. पार्टी के गोवा प्रभारी माणिकराव ठाकरे ने दावा किया कि क्लब ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया था.

गोवा नाइटक्लब आग: पटाखों से आग लगने का संदेह; चार कर्मचारी गिरफ्तार

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रविवार को कहा कि ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में आग लगने की घटना के बाद क्लब के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्होंने उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जिन्होंने सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन होने के बावजूद क्लब के संचालन की अनुमति दी.

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि अंदर ‘इलेक्ट्रिक पटाखे’ फोड़े गए थे, जिससे आग लगी. उन्होंने यह भी कहा कि क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा. ‘इलेक्ट्रिक फायरक्रैकर’ उन पटाखों को कहा जाता है, जिन्हें बिजली से संचालित किया जाता है. पारंपरिक पटाखों की तरह इनमें रासायनिक पदार्थ जलाए जाने के बजाय इलेक्ट्रॉनिक र्सिकट का उपयोग होता है.

क्लब में आग लगने की घटना में 25 लोगों की मौत के कुछ घंटे बाद मुख्यमंत्री सावंत ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव डॉ. वी. कैंडावेलू और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आलोक कुमार को दोषी सरकारी अधिकारियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है. सावंत ने स्थिति की समीक्षा के लिए राज्य प्रशासन और गृह विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ कई बैठकें भी कीं.

उन्होंने कहा कि डीजीपी को क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं, जिनके खिलाफ प्राथमिकी पहले ही दर्ज की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि दोनों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि क्लब के मुख्य महाप्रबंधक राजीव मोदक, महाप्रबंधक विवेक सिंह, बार प्रबंधक राजीव सिंघानिया और द्वार प्रबंधक रियांशु ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

सरकार ने घटना की जांच के लिए दक्षिण गोवा के जिलाधिकारी, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के उप निदेशक और फॉरेंसिक प्रयोगशाला के निदेशक की एक समिति गठित की है. समिति एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे हादसे फिर से न हों, इसके लिए सरकार ने उपाय तैयार किए हैं. उन्होंने कहा कि आतिथ्य क्षेत्र के सभी नाइट क्लबों और अन्य प्रतिष्ठानों को परामर्श जारी किया जाएगा, जिसमें उन्हें पर्याप्त सुरक्षा सावधानियां बरतने के लिए कहा जाएगा.

सावंत ने कहा कि उन अधिकारियों को आज ही निलंबित किया जाएगा, जिन्होंने सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन होने के बावजूद क्लब के संचालन की अनुमति दी. सावंत ने कहा कि राज्य सरकार बिना अनुमति के संचालित हो रहे क्लबों का आॅडिट भी करेगी, साथ ही उन स्थानों की भी जांच करेगी, जहां ऐसे हादसे हो सकते हैं.

गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: 25 मृतकों में 20 कर्मचारी और 5 पर्यटक शामिल, तीन दिल्ली के

गोवा नाइटक्लब अग्निकांड में मारे गए सभी 25 पीड़ितों की पहचान कर ली गई है, जिनमें 20 कर्मचारी और पांच पर्यटक शामिल हैं. अधिकारियों ने रविवार रात यह जानकारी दी. आग में मारे गए पांच पर्यटकों में से चार दिल्ली के थे, जिनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल थे. पांचवां पर्यटक कर्नाटक का था. राज्य सरकार ने रविवार रात सभी 25 मृतकों की सूची जारी की.

गोवा की राजधानी पणजी से 25 किलोमीटर दूर अरपोरा गांव स्थित लोकप्रिय पार्टी स्थल ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में आग लगने से कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई. दिल्ली के चार पर्यटकों की पहचान सरोज जोशी, अनीता जोशी, कमला जोशी और विनोद कुमार के रूप में हुई है. उनकी पहचान रविवार को उनकी रिश्तेदार भावना जोशी ने की. सरकार ने बताया कि इस घटना में मारे गए एक अन्य पर्यटक की पहचान कर्नाटक के इशाक के रूप में हुई है. सरकार ने बताया कि उसकी पहचान उसके पिता एम. डी. हुसैन ने की.

सूची के अनुसार, मृतकों में से 20 नाइटक्लब के कर्मचारी थे, जिनमें उत्तराखंड के पांच, नेपाल के चार, झारखंड और असम के तीन-तीन, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के दो-दो और पश्चिम बंगाल का एक व्यक्ति शामिल है. मृतकों (कर्मचारियों) में सबसे अधिक संख्या उत्तराखंड के लोगों की है, जिनकी पहचान जितेंद्र सिंह, सतीश सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुमित नेगी और मनीष सिंह के रूप में हुई है.

चार नेपाली नागरिकों की पहचान चूर्ण बहादुर पुन, विवेक कटवाल, सबिन और सुदीप के रूप में हुई है. मृतकों में महाराष्ट्र के डोमिनिक और मनोज जोरा, जबकि उत्तर प्रदेश के रोहन सिंह और सुनील कुमार शामिल हैं. दार्जिंिलग (पश्चिम बंगाल) के एकमात्र पीड़ित की पहचान सुभाष छेत्री के रूप में हुई है. इसमें झारखंड के मोहित, प्रदीप महतो और बिनोद महतो, जबकि असम के तीन लोग मनोजित मल, राहुल तांती और दिगंबर पातिर शामिल हैं.

गोवा के नाइट क्लब में आग के मामले में तीन वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

गोवा सरकार के तत्कालीन पंचायत निदेशक समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को नाइट क्लब में आग के मामले में रविवार को निलंबित कर दिया गया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि क्लब को 2023 में परिचालन शुरू करने की अनुमति देने में इन अधिकारियों की भूमिका के लिए उन्हें निलंबित कर दिया गया.

शनिवार देर रात नाइट क्लब में भीषण आग लगने से पांच पर्यटकों और 20 कर्मचारियों सहित 25 लोगों की जान चली गई. निलंबित अधिकारियों में तत्कालीन पंचायत निदेशक सिद्धि तुषार हरलंकर, गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में तत्कालीन सदस्य सचिव डॉ. शमिला मोंटेइरो और ग्राम पंचायत अरपोरा-नागोआ के तत्कालीन सचिव रघुवीर बागकर शामिल हैं.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब को 2023 में परिचालन शुरू करने की अनुमति देने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. पुलिस ने अरपोरा-नागोवा पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर से पूछताछ की, जिन्होंने क्लब को व्यापार लाइसेंस जारी किया था.

Show More

akhbarilal

Akhbaarilal is daily hindi news portal of Chhattisgarh. Get breaking and latest news from Indian including all states. Find latest news from Raipur. Read CG DPR News on www.akhbaarilal.in.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button