भारतीय सेना श्रीलंका की सहायता के लिए ऑपरेशन सागर बंधु के तहत एकीकृत कार्यबल तैनात कर रही

नयी दिल्ली. भारतीय सेना ने मंगलवार को कहा कि वह चक्रवात प्रभावित श्रीलंका में महत्वपूर्ण राहत प्रदान करने, आवश्यक सेवाओं को बहाल करने और प्रभावित परिवारों की मदद करने के लिए ऑपरेशन सागर बंधु के तहत एक एकीकृत कार्यबल, एक पूरी तरह से तैयार और आत्मनिर्भर समग्र एचएडीआर टुकड़ी तैनात कर रही है.
बल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि वह जरूरत के समय में श्रीलंका के साथ ”दृढ़ता से खड़ा है.” सेना ने कहा, ”पड़ोसी प्रथम की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के तहत भारतीय सेना एक एकीकृत कार्य बल, शत्रुजीत ब्रिगेड की एक पूरी तरह से तैयार और आत्मनिर्भर समग्र एचएडीआर टुकड़ी तैनात कर रही है ताकि चक्रवात दित्वा से प्रभावित श्रीलंका को महत्वपूर्ण राहत दी जा सके, आवश्यक सेवाओं को बहाल किया जा सके और परिवारों को सहायता प्रदान की जा सके.”
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि श्रीलंका में भारी तबाही मचाने वाले चक्रवात ‘दित्वा’ के मद्देनजर भारत ने 28 नवंबर को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया था ताकि ”हमारे निकटतम समुद्री पड़ोसी देश” को खोज एवं बचाव तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सहायता तत्काल प्रदान की जा सके. उसने बताया था कि भारत ने 28 नवंबर से हवाई एवं समुद्री मार्ग के जरिए 53 टन राहत सामग्री पहुंचाई है.
सेना ने मंगलवार को एक ‘पोस्ट’ में कहा, ”यह मिशन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ – विश्व एक परिवार है – की हमारी सभ्यतागत प्रतिज्ञा को मूर्त रूप देता है क्योंकि भारतीय सेना जरूरत के समय में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ी है.” चक्रवात दित्वा की वजह से विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण श्रीलंका में सोमवार तक 390 लोगों की मौत हो गई तथा 352 लोग लापता हैं.
एनडीआरएफ ने चक्रवात प्रभावित श्रीलंका में 90 से अधिक लोगों को बचाया
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के बचावर्किमयों ने ‘दित्वा’ चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका में बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आए 90 से अधिक लोगों को बचाया. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. भारत ने श्रीलंका के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत एनडीआरएफ की दो टीम भेजी हैं, जिनमें 80 कर्मी और चार कुत्ते शामिल हैं.
एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “कडुवेला, बादुल्ला और पुट्टलम के बाढ़ व भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ के बचाव दल तैनात किए गए हैं. इन दलों ने मंगलवार सुबह तक कुल 64 लोगों को बचाया है, 28 लोगों को निकाला है और एक शव बरामद किया है.” अधिकारियों ने बताया कि श्रीलंका के सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारी एनडीआरएफ दलों की मदद कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ र्किमयों ने 1,070 स्थानीय लोगों के बीच लगभग 800 खाद्य पैकेट भी वितरित किए हैं.
अधिकारियों के मुताबिक, एनडीआरएफ ने बादुल्ला में पांच फुट मलबे के ढेर से एक शव निकाला. उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ र्किमयों ने पुट्टलम में नौ महीने की एक गर्भवती महिला को बचाया. अधिकारियों के अनुसार, 80 सदस्यीय एनडीआरएफ दल में चार महिला बचावकर्मी भी शामिल हैं और उन्हें खास तौर पर स्थानीय महिलाओं की मदद का काम सौंपा गया है. कोलंबो स्थित आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) ने 16 नवंबर से अब तक प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में मंगलवार सुबह तक कम से कम 410 लोगों की मौत और 336 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है.





