US: ट्रंप प्रशासन ने 85,000 से ज्यादा वीजा रद्द किए, भारतीय H-1B आवेदकों की मुश्किलें बढ़ीं

अमेरिकी वीजा नीतियों में कड़ा रुख: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने वीजा नीति को सख्त बना दिया है। अब तक जनवरी 2025 से लेकर अब तक, उसने कुल 85,000 से अधिक वीजा रद्द कर दिए हैं। इन रद्दीकरण का बड़ा कारण है बढ़ती निगरानी और सुरक्षा उपाय। साथ ही, नई सोशल मीडिया नीति के तहत अब आवेदकों का सोशल मीडिया अकाउंट भी देखने का निर्देश दिया गया है।
इंटरव्यू टलने का असर
भारत समेत कई देशों के H-1B वीजा आवेदकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इंटरव्यू मार्च 2025 तक स्थगित कर दिए गए हैं। अमेरिकी दूतावास ने चेतावनी दी है कि यदि किसी का अपॉइंटमेंट रद्द हो जाता है, तो नई तारीख पर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अब वीजा इंटरव्यू और फैसले भी आने वाले समय में और टाले जा सकते हैं।
सोशल मीडिया और राष्ट्रीय सुरक्षा
एक वकील ने बताया कि अब आवेदकों को अपना सोशल मीडिया प्रोफाइल सार्वजनिक करना होगा। अमेरिकी अधिकारी उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच करेंगे, ताकि यह पता चल सके कि वे अमेरिका के लिए खतरा तो नहीं हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हर वीजा का निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जाता है।
खासतौर पर एच-1बी वीजा पर सख्ती
ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा पर निगरानी को बढ़ाया है। सितंबर में, इस वीजा पर करीब 1 लाख डॉलर का शुल्क भी लगाया गया था। इसके अलावा, अमेरिका ने कई देशों से आने वाले लोगों के ग्रीन कार्ड, नागरिकता और अन्य वीजा आवेदन भी रोक दिए हैं, खासकर जब से एक अफगान मूल के व्यक्ति ने हमला किया था।
वीजा रद्द की संख्या और कारण
जनवरी 2025 से अब तक, अमेरिका ने 85,000 से ज्यादा वीजा रद्द किए हैं। इनमें से 8,000 से ज्यादा वीजा छात्रविज्ञापन के थे। इनमें शराब पीकर गाड़ी चलाना, चोरी और हमला जैसी गलतियों के कारण वीजा रद्द किए गए हैं। विवादित मामलों में भी वीजा रद्द किए गए हैं, जैसे कि चार्ली किर्क की हत्या पर जश्न मनाने वाले लोग और गाजा संघर्ष से जुड़े छात्र प्रदर्शन।
लगातार निगरानी का नया सिस्टम
अगस्त में, विदेश विभाग ने बताया कि अब अमेरिका सभी वीजा धारकों की गतिविधियों पर निगरानी करेगा। इससे पता चलता है कि वीजा मिलने के बाद भी व्यक्ति की गतिविधियों का ट्रैक रखा जाएगा। यह कदम देश की सुरक्षा के लिए लिया गया है।





