मंत्रालय ने एनएसएफ से अंतरराष्ट्रीय संबंध और ‘मेक इन इंडिया’ समितियां गठित करने को कहा

नयी दिल्ली: खेल मंत्रालय ने संयुक्त अभ्यास कार्यक्रमों और भारत में प्रमुख प्रतियोगिताओं की मेजबानी जैसे मुद्दों पर विश्व संस्थाओं के साथ बेहतर सहयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) से अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति गठित करने को कहा है। मंत्रालय ने इसके साथ ही एनएसएफ से भारतीय निर्माताओं, स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और परीक्षण एवं मानकीकरण निकायों के साथ जुड़ने के लिए ‘मेक इन इंडिया खेल समिति’ का गठन करने को भी कहा है ताकि खेल विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया जा सके।
एनएसएफ को भेजे गए अपने पत्र में मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति में महासंघ के वरिष्ठ सदस्य, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, कोच और ‘वैश्विक खेल प्रशासन और कूटनीति का अच्छा अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ’ शामिल होने चाहिए। एनएसएफ को भेजा गया यह पत्र पीटीआई के पास है जिसमें मंत्रालय ने कहा है, ‘‘समिति के संपूर्ण विवरण के बारे में 30 दिनों के अंदर मंत्रालय को सूचित कर दिया जाए।’’ मंत्रालय की यह सलाह खेल सचिव हरि रंजन राव द्वारा एनएसएफ के अधिकारियों से दैनिक प्रशासन का काम सीईओ पर छोड़ने और भारत के फायदे के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंध बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करने के कुछ दिनों बाद आई है।
उन्होंने पिछले सप्ताह अहमदाबाद में कहा था, ‘‘आप दूरदृष्टा निर्माता हैं, प्रशासक नहीं। आपको अपने संगठन में पेशेवर प्रशासकों की जरूरत है जो महासंघ के दैनिक कार्यों को संभाल सकें। आप अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ संबंध विकसित करने और विकास की योजनाएं तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करें।’’
मंत्रालय की सलाहकार समिति ने कहा कि इस तरह की समिति के गठन की सलाह देने का निर्णय ‘तेजी से बदलते वैश्विक खेल परिवेश’ को ध्यान में रखते हुए दी गई। समिति को अपने-अपने अंतरराष्ट्रीय महासंघ (आईएफ) और महाद्वीपीय महासंघ (सीएफ) में होने वाले घटनाक्रमों पर निगरानी रखने का कार्य सौंपा जाएगा।
समिति किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी हासिल करने के लिए बोली प्रक्रिया में भारत की समय पर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संघों के साथ समन्वय करेगी। इसके अलावा समिति खेल मंत्रालय को समय-समय पर संक्षिप्त रिपोर्ट भी देगी। ‘मेक इन इंडिया’ समिति में महासंघ के वरिष्ठ सदस्य, तकनीकी विशेषज्ञ, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और खेल उपकरण या प्रौद्योगिकी, विनिर्माण या मानकों में अनुभव रखने वाला कम से कम एक सदस्य शामिल होना चाहिए। एनएसएफ को इस समिति के गठन के बारे में 60 दिनों के भीतर मंत्रालय को सूचित करना होगा।
समिति स्वदेशी उत्पादों को अपनाने को लेकर रिपोर्ट भी तैयार करेगी, जिसमें इस क्षेत्र में हुई प्रगति, इसके सामने आने वाली बाधाओं और एनएसएफ के विचार के लिए की जाने वाली सिफारिशों पर ध्यान दिया जाएगा। खिलाड़ियों, कोचों और तकनीकी अधिकारियों के बीच मंजूरी प्राप्त भारतीय उत्पादों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना भी इस समिति की जिम्मेदारी होगी।
खेल सचिव ने अहमदाबाद खेल प्रशासन सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान भी इस पहलू पर चर्चा की थी। उन्होंने एनएसएफ और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अधिकारियों से कहा था, ‘‘यदि आप भारतीय उत्पादों का उपयोग नहीं करेंगे, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश करने का आत्मविश्वास कैसे हासिल होगा।’’





