Market High: 2013 में 21 हजार पर था सेंसेक्स, अब 86 हजार के पार, 12 वर्षों में कैसे चढ़ा सूचकांक?


मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को एक बार फिर साबित कर दिया कि बुल्स का दम अभी बरकरार है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित दर कटौती और विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। बीएसई सेंसेक्स 416.67 अंक की छलांग लगाकर 86,026.18 पर पहुंच गया, जो इसका अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले 27 सितंबर 2024 को सेंसेक्स ने 85,978.25 का रिकॉर्ड बनाया था।
1979 में शुरुआत के बाद हर दशक में चार गुना बढ़ा सेंसेक्स
एनएसई निफ्टी भी पीछे नहीं रहा। यह 101.65 अंक की बढ़त के साथ 26,306.95 पर पहुंच गया, जो इसका नया ऑल-टाइम हाई है। इससे पहले निफ्टी ने 26,277 का स्तर छुआ था। लंबी अवधि में भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। 1979 में सेंसेक्स की शुरुआत के बाद से हर दशक में यह चार गुना बढ़ा है।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 4,778.03 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी पिछले कारोबार में 6,247.93 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बुधवार को सेंसेक्स 1,022.50 अंक या 1.21 प्रतिशत बढ़कर 85,609.51 पर बंद हुआ। निफ्टी 320.50 अंक या 1.24 प्रतिशत बढ़कर 26,205.30 पर बंद हुआ।
बीते 12 वर्षों में निफ्टी भी 400 फीसदी से ज्यादा उछला
एक दशक पहले जो निफ्टी 6000 का स्तर भी हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा था, बुधवार को निफ्टी 26000 का स्तर पार कर गया। इसमें 12 वर्षों के दौरान करीब 400 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है। निफ्टी के 50 शेयरों का मार्केट कैप 472 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। बीते कुछ महीनों में मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितताओं और जियोपॉलिटिकल तनावों के कारण बाजार में आए उठा-पटक के बावजूद भारतीय बाजार में अब एक बार फिर हरियाली लौटी है। जानकारों का मानना है कि वर्ष 2030 तक निफ्टी ऊंचाईयों को हासिल करते हुए 50,000 का आंकड़ा छू सकता है।





