ममता बनर्जी ने चुनाव से पहले एसआईआर कराने पर उठाए सवाल, बोलीं- असम को क्यों छोड़ा गया?


नई दिल्ली: एसआईआर पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंगाल में इसे लेकर लगातार विवाद बढ़ रहा है। इसी बीच नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर केंद्र और चुनाव तंत्र पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित मौका नहीं दिया जा रहा। ममता बनर्जी ने इसे चुनाव से ठीक पहले की गई संदिग्ध कार्रवाई बताया।
ममता बनर्जी ने कहा कि उनके साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोग एसआईआर प्रक्रिया के पीड़ित हैं और ऐसे लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है। उनके अनुसार कई वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों को न तो ठीक से सूचना दी जा रही है और न ही उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिल रहा है।
ममता बनर्जी ने उठाए ये सवाल
चुनाव से ठीक पहले एसआईआर प्रक्रिया क्यों शुरू की गई?
इतनी बड़ी जांच दो-तीन महीने में बिना पहले से योजना के कैसे पूरी की जा सकती है?
चार चुनावी राज्यों में से तीन में एसआईआर हो रहा है, लेकिन भाजपा शासित असम में क्यों नहीं?
एसआईआर के कथित पीड़ितों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया जा रहा।
कई लोग एसआईआर से प्रभावित हैं और बड़ी संख्या में लोग इससे परेशान भी हैं।
चुनाव से पहले समय पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने एसआईआर की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह प्रक्रिया क्यों शुरू की गई। उन्होंने पूछा कि क्या इतनी बड़ी जांच बिना लंबी तैयारी के दो–तीन महीने में पूरी की जा सकती है। उनके मुताबिक इससे चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं और मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बनती है।






