परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी बोले- सपने न देखना क्राइम है, लेकिन उसे सिर्फ गुनगुनाते रहना भी बेकार है

नई दिल्ली: परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण आज सुबह 10 बजे से शुरू हो चुका है। इस खास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधे संवाद कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा से जुड़े तनाव को कम करने, उनका आत्मविश्वास बढ़ाने और करियर से जुड़े सवालों के जवाब देने में मदद करना है।
इस बार परीक्षा पे चर्चा नए अंदाज में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर के छात्रों को जोड़ने और उनके सवालों के सीधे जवाब देने पर खास जोर दिया जा रहा है।
कौन-सी छोटी आदत सपनों को पूरा करने में मदद करती है?
इस सवाल पर एक छात्र ने प्रधानमंत्री मोदी से मार्गदर्शन मांगा। जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहला सुझाव दिया कि महान लोगों की जीवनियां पढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे यह समझ आता है कि आज जो लोग बड़े और सफल हैं, वे भी कभी हमारी ही तरह सामान्य हालात में थे।
पीएम मोदी ने बताया कि जीवनियां पढ़ने से हमें सही और व्यावहारिक योजना बनाने में मदद मिलती है। साथ ही यह याद रहता है कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि सीढ़ी की तरह कदम-दर-कदम आगे बढ़कर हासिल होती है। हर सफल व्यक्ति भी एक इंसान होता है, जिसने मेहनत और धैर्य से मंजिल पाई होती है।
लेकिन सफलता कर्म से ही मिलेगी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सपने देखना कोई अपराध नहीं है। सपने तो जरूर देखने चाहिए, लेकिन सिर्फ सपनों के बारे में सोचते रहना या उन्हें गुनगुनाते रहना किसी काम का नहीं होता। उन्होंने कहा कि जीवन में कर्म सबसे जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हमें यह सोचकर मेहनत करनी चाहिए कि हम जहाँ हैं, वहीं से सफल होना है। सही मेहनत और लगन से हर जगह से सफलता हासिल की जा सकती है।






