तेलंगाना पुलिस के सामने 41 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण


हैदराबाद/लातेहार. प्रतिबंधित माओवादी संगठन भाकपा (माओवादी) को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब उसके 41 सदस्यों ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. इनमें कंपनी प्लाटून समिति और विभागीय समिति स्तर के छह शीर्ष माओवादी भी शामिल हैं. तेलंगाना पुलिस के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी शिवधर रेड्डी ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कार्यकर्ता औपचारिक रूप से हिंसा का त्याग कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं.
इसमें कहा गया है कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों ने पुलिस को 24 आग्नेयास्त्र सौंपे, जिनमें एक आईएनएसएएस, तीन एके-47 राइफलें और पांच एसएलआर राइफलें शामिल थीं, साथ ही विभिन्न कैलिबर के 733 कारतूस भी बरामद किए. विज्ञप्ति में कहा गया है, “यह आत्मसमर्पण भाकपा (माओवादी) की संगठनात्मक शक्ति, मनोबल और नेतृत्व की विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण गिरावट को दर्शाता है.” इसमें कहा गया है कि आवश्यक कार्यवाही के बाद आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादी कैडरों के बीच राज्य तथा केंद्र की राहत एवं पुनर्वास नीति के तहत 1.46 करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे.
झारखंड: 35 आपराधिक मामलों में वांछित नक्सली ने आत्मसमर्पण किया
झारखंड के लातेहार जिले में शुक्रवार को 35 आपराधिक मामलों में वांछित एक नक्सली ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आलोक यादव उर्फ चंद्रशेखर कुमार यादव बालूमाथ थाना क्षेत्र के भागिया गांव का निवासी है. अधिकारियों ने बताया कि आलोक प्रतिबंधित ‘पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएलएफआई) का सक्रिय सदस्य था.
पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया, ह्लआलोक पर एक लाख रुपये का इनाम था. लातेहार, चतरा और रांची के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ कुल 35 आपराधिक मामले लंबित थे.” उन्होंने बताया, ह्लयादव ने पुलिस को एक तमंचा, चार कारतूस, दो कमीजें और अन्य निजी सामान सौंप दिए.” राज्य सरकार की ‘नई दिशा’ योजना के तहत आत्मसमर्पण करने के लिए नक्सली को एक लाख रुपये का चेक दिया गया.




