हांगकांग : लोकतंत्र समर्थक मीडिया हस्ती जिम्मी लाई राष्ट्रीय सुरक्षा मामले में दोषी करार

हांगकांग. हांगकांग की मशहूर मीडिया हस्ती रहे और चीन के मुखर आलोचक जिम्मी लाई को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक ऐतिहासिक मामले में सोमवार को शहर की अदालत ने दोषी ठहराया. सरकार द्वारा नियुक्त तीन न्यायाधीशों ने 78 वर्षीय लाई को राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत करने और राजद्रोहपूर्ण लेख प्रकाशित करने की साजिश रचने का दोषी पाया.

हालांकि लाई ने खुद को निर्दोष बताया है. सजा के संबंध में फैसला बाद में सुनाया जाएगा. हांगकांग के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत लाई को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है. लाई (78) को चीन द्वारा लागू किए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अगस्त 2020 में गिरफ्तार किया गया था. यह कानून 2019 में हुए व्यापक सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बाद लागू किया गया था. हिरासत में बिताए गए पांच वर्षों के दौरान लाई को कई छोटे अपराधों में सजा सुनाई गई है. न्यायाधीश ने 855 पन्ने के फैसले को पढ़ते हुए, न्यायाधीश एस्थर तोह ने कहा कि लाई ने हांगकांग के लोगों की मदद करने के बहाने चीनी सरकार को गिराने में मदद के लिए अमेरिका को “लगातार न्योता” दिया था.

तोह ने कहा कि अदालत इस बात से संतुष्ट है कि लाई ही साजिशों के मास्टरमाइंड थे. न्यायाधीशों ने फैसला सुनाया कि सबूतों से एकमात्र सही नतीजा यह निकलता है कि सुरक्षा कानून से पहले और बाद में, लाई का एकमात्र इरादा चीन और हांगकांग के लोगों की कुर्बानी देकर भी सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी को गिराना था. उन्होंने फैसले में लिखा, “साजिशों और अलगाववादी प्रकाशनों का यही अंतिम लक्ष्य था.” सुनवाई के दौरान उपस्थित लोगों में लाई की पत्नी और पुत्र के साथ-साथ हांगकांग के रोमन कैथोलिक कार्डिनल जोसेफ जेन भी मौजूद थे. लाई पहले की तुलना में अधिक कमजोर और दुबले दिखाई देने लगे हैं.

लाई के खिलाफ इस मुकदमे पर अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की करीबी नजर रही है. लाई के खिलाफ फैसला बींिजग के कूटनीतिक संबंधों की भी एक परीक्षा माना जा रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यह मामला चीन के समक्ष उठाया है, जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने कहा कि उनकी सरकार ने ब्रिटिश नागरिक लाई की रिहाई सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी है.

अब बंद हो चुके लोकतंत्र समर्थक अखबार ‘एप्पल डेली’ के संस्थापक को राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए विदेशी शक्तियों से मिलीभगत की साजिश के दो आरोपों में दोषी ठहराया गया है. इसके अलावा उन पर राजद्रोहपूर्ण प्रकाशनों के वितरण की साजिश का एक आरोप भी साबित हुआ है. हांगकांग के व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत विदेशी शक्तियों से मिलीभगत का आरोप सिद्ध होने पर अपराध की प्रकृति और उसमें भूमिका के आधार पर तीन साल की कैद से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है. वहीं, राजद्रोह के जुर्म में अधिकतम दो साल की कैद का प्रावधान है.

लाई और इस मामले में अन्य आरोपियों के लिए कम सज़ा की दलीलों पर 12 जनवरी को सुनवाई शुरू होनी है. ‘एप्पल डेली’ हांगकांग सरकार और सत्तारूढ़ ‘चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी’ का मुखर आलोचक रहा है. पुलिस द्वारा उनके समाचार कक्ष पर 2021 में छापा मारे जाने, वरिष्ठ पत्रकारों को गिरफ्तार किए जाने और संपत्तियां जब्त किए जाने के बाद उन्हें अखबार को बंद करना पड़ा था.

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