संसद में विदेश मंत्री की बैठक, NSA अजीत डोभाल और CDS अनिल चौहान भी मौजूद

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का सोमवार से दूसरा चरण शुरू हो गया है। इसके भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र के पहले दिन लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर लोकसभा में बयान देंगे।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर संसद में चर्चा की मांग
पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर संसद में विदेश मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि केवल एक बयान पढ़ देना और सदन के सदस्यों को सवाल पूछने या अपनी बात रखने का अवसर न देना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि सांसदों को इस विषय पर चर्चा करने का मौका मिलना चाहिए। उनके अनुसार, उनकी पार्टी की मांग भी यही थी कि इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर संसद में सार्थक बहस हो।
थरूर ने यह भी कहा कि सरकार को कम से कम संसद जैसे मंच का उपयोग करते हुए देश के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की राय सुननी चाहिए, ताकि इस तरह के संवेदनशील विषयों पर व्यापक दृष्टिकोण सामने आ सके।
तेल खरीद पर अमेरिका के दबाव का आरोप
संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भारत की विदेश नीति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह तय करने की कोशिश कर रहा है कि भारत को तेल किस देश से खरीदना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
विपक्ष की नारेबाजी पर भड़के केंद्रीय मंत्री रिजिजू
लोकसभा में विपक्ष की नारेबाजी और हंगामे को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें खुद ही नहीं पता कि वे क्या करना चाहते हैं। रिजिजू ने कहा कि आज सदन में उसी प्रस्ताव पर चर्चा तय है जिसे विपक्ष ने ही पेश किया है, इसके बावजूद वे लगातार हंगामा कर रहे हैं।
इसके बाद सदन की कार्यवाही संभाल रहे पीठासीन अध्यक्ष ने भी विपक्षी सदस्यों को फटकार लगाते हुए सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। जबकि राज्यसभा में कामकाज जारी है।
लोकसभा में विदेश मंत्री जयशंकर का जवाब
लोकसभा में पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने विपक्षी सांसदों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और हंगामा न करें। इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान में चल रहे संघर्ष पर सदन को जानकारी देना शुरू किया। हालांकि, विपक्ष के सांसदों ने लगातार ‘वी वॉन्ट डिस्कशन’ के नारे लगाते हुए हंगामा जारी रखा। जयशंकर ने कहा प्रभावित देशों से हम संपर्क कर रहे है। संवाद और कूटनीति से ही समाधान संभव है।
विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना- जेपी नड्डा
भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि देश के हित में किए जा रहे कामों के बावजूद विपक्ष समय-समय पर सदन से वॉक आउट करता है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया की परिस्थितियों और भारत की मंशा पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ और विस्तृत जानकारी दी है।
जेपी नड्डा ने कहा एनर्जी और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विदेश मंत्री ने सभी सवालों का संतोषजनक जवाब दिया। दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है। इसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार भारतीय नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय है। जेपी नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में वहीं बैठे रहोगे और घटते चले जाओगे।
पश्चिम एशिया की अस्थिरता से भारत पर असर, 1 करोड़ भारतीय प्रभावित-खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते जियो-राजनीतिक हालात का प्रभाव सीधे भारत पर पड़ रहा है। भारत अपनी कुल ऊर्जा का लगभग 55% हिस्सा पश्चिम एशिया से प्राप्त करता है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अस्थिरता के कारण भारत पर इसका गंभीर असर पड़ता है, क्योंकि लगभग 1 करोड़ भारतीय वहां काम कर रहे हैं। हाल के घटनाक्रम में कई भारतीय नागरिक मारे गए और कई लापता हैं। उनके बयान के दौरान सदन में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।






