खरगे ने खेद जताया: ‘गुजरात के अपमान’ पर सियासी रार! कांग्रेस अध्यक्ष बोले- मेरी बातों का गलत मतलब निकाला गया


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केरल में दिए अपने एक चुनावी भाषण पर सफाई दी है। उन्होंने अपने बयान पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। खरगे ने साफ किया कि उनका इरादा गुजरात के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना कभी नहीं था। उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों के प्रति उनके मन में हमेशा सर्वोच्च सम्मान रहा है और आगे भी रहेगा।
क्यों हुआ था विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब खरगे ने केरल के इडुक्की जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। वहां उन्होंने केरल के लोगों की शिक्षा और समझदारी की तारीफ की थी। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर निशाना साधते हुए कहा था कि वे उन लोगों को मूर्ख बना सकते हैं जो कम पढ़े लिखे हैं, जैसा कि गुजरात और कुछ अन्य जगहों पर होता है। उन्होंने कहा था कि केरल के जागरूक मतदाताओं को गुमराह करना मुमकिन नहीं है।
बयान पर भाजपा ने क्या कहा?
इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे कांग्रेस की बांटो और राज करो वाली मानसिकता बताया। वहीं, वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने इस टिप्पणी को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महात्मा गांधी, सरदार पटेल और मोरारजी देसाई जैसे महान व्यक्तित्व भी अनपढ़ थे? भाजपा ने खरगे से सार्वजनिक माफी की मांग की थी और सोनिया गांधी व राहुल गांधी से भी इस पर रुख साफ करने को कहा था।
शशि थरूर ने भी दी थी प्रतिक्रिया
वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि राजनीति में बातचीत का स्तर लगातार गिर रहा है। हमें अपनी भाषा का स्तर उन लोगों जैसा नहीं करना चाहिए जो अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आगे कहा नेताओं को अपनी भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। अब चुनाव से ठीक पहले खरगे ने इस मामले पर खेद जताकर विवाद को शांत करने की कोशिश की है। बता दे कि केरल की 140 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होना है।






