मारुति का हरित लॉजिस्टिक पर जोर, रेल के जरिये 30 लाख से अधिक वाहनों की आपूर्ति


नयी दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लि. ने पर्यावरण अनुकूल लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचे के लिए 1,372 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी है। इसके साथ कंपनी ने 2030-31 तक रेल के जरिये वाहन वितरण में अपनी हिस्सेदारी 35 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
मारुति सुजुकी ने बुधवार को बयान में कहा कि कंपनी ने रेल के माध्यम से 30 लाख से अधिक वाहनों का वितरण किया है और वर्तमान में उसके कुल वितरण का 26.5 प्रतिशत रेल के जरिये होता है। मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा, ” रेल के जरिये वाहन वितरण की मात्रा में 2014 से नौ गुना वृद्धि हुई है और फिलहाल यह कंपनी के कुल वाहन वितरण का 26.5 प्रतिशत है।” कंपनी ने अलग से हरित लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचे के लिए 1,372 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी है।
उन्होंने कहा कि इसमें कंपनी के हंसलपुर और मानेसर विनिर्माण संयंत्रों में रेलवे साइंिडग का विकास, प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्रों पर रेल यार्ड की स्थापना, विशेष वाहन रैक की खरीद और बुनियादी ढांचे के स्तर पर चीजों को और बेहतर बनाना शामिल है। ताकेची ने कहा, ”हमारा लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक रेल के जरिये वाहन भेजने के मामले में हिस्सेदारी को 35 प्रतिशत तक बढ़ाना है और हम अपने नए खरखौदा संयंत्र में रेलवे साइंिडग स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि इससे कार्बन उत्सर्जन को कम करने, ईंधन की खपत को घटाने और सड़क पर भीड़भाड़ को कम करने में और मदद मिलेगी। मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा कि पिछले एक दशक में, उसने वाहनों को भेजने के मामले में रेल की हिस्सेदारी को बढ़ाया है। 2014-15 में यह पांच प्रतिशत थी जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढकर 26.5 प्रतिशत हो गयी। कंपनी ने कहा कि रेल के जरिये वाहनों की कुल आपूर्ति 20 लाख से बढकर 30 लाख तक पहुंचने में केवल 21 महीने लगे हैं।






