भाजपा ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का किया बचाव, विश्व में सबसे कम वृद्धि में से एक बताया

नयी दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम एशिया संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई 90 पैसे की बढ़ोतरी का बचाव करते हुए मंगलवार को कहा कि यह भारी सब्सिडी वाले खाड़ी देशों के बाहर दुनिया में कहीं भी हुई सबसे कम बढ़ोतरी में से एक है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई। एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। बीते शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार साल से अधिक समय में पहली बार तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।
भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दुनिया भर के उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि के रूप में इस संकट का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, ”दुनिया भर में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है।”
मालवीय ने कहा, ”हाल ही में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बावजूद, भारत में ईंधन की कीमतों में केवल 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो भारी सब्सिडी वाले खाड़ी देशों के बाहर दुनिया में सबसे कम वृद्धि में से एक है।” उन्होंने कहा कि भारत इस मामले में एक अपवाद है क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं पर बोझ डालने के बजाय काफी घाटा खुद वहन किया है।
उन्होंने कहा, ”संकट शुरू होने के बाद 76 दिनों तक, भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल और गैस कंपनियों ने नागरिकों पर सीधे बोझ डालने के बजाय, प्रतिदिन कथित तौर पर लगभग 1,000 करोड़ रुपये का घाटा स्वयं वहन किया।” उन्होंने कई देशों में ईंधन की कीमतों में हुई वृद्धि के तुलनात्मक आंकड़े भी साझा किए और दावा किया कि म्यांमा में पेट्रोल की कीमतों में 89.7 प्रतिशत, मलेशिया में 56.3 प्रतिशत, पाकिस्तान में 54.9 प्रतिशत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में 52.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उनके अनुसार, म्यांमा में डीजल की कीमतों में 112.7 प्रतिशत, मलेशिया में 71.2 प्रतिशत, पाकिस्तान में 44.9 प्रतिशत और यूएई में 86.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मालवीय ने बताया कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 44.5 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 48.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि ब्रिटेन में यह वृद्धि क्रमश? 19.2 प्रतिशत और 34.2 प्रतिशत हुई है।
उन्होंने कहा कि फ्रांस में पेट्रोल की कीमतों में 20.9 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जर्मनी में पेट्रोल की कीमतों में 13.7 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 19.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने दावा किया कि भारत में ईंधन की कीमतों पर चर्चा करते समय कई विश्लेषक जानबूझकर व्यापक वैश्विक संदर्भ को नजरअंदाज करते हैं।






