नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण में राज्य गीत को लेकर विवाद, तीसरे स्थान पर रखे जाने से गुस्साया वाम दल


तमिलनाडु: तमिलनाडु में आज तमिल थाई वाझथु (तमिल आह्वान गीत) को लेकर विवाद खड़ा हो गया। दरअसल राज्य में नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरन गीत को अन्य गीतों के बाद गाए जाने पर ये राजनीतिक विवाद खड़ा हो रखा है। वाम दलों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। इसी बीच, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने की घोषणा की है।
भाकपा मे कहा राज्य गीत को मिलनी चाहिए थी प्रथमिकता
शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में आयोजित किया गया था, जहां मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पहली कैबिनेट विस्तार के तहत 21 टीवीके विधायकों और दो कांग्रेस विधायकों सहित कुल 23 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। वाम दलों ने ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान के बाद तमिल गान गाए जाने पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव एम वीरपांडियन ने कहा कि राज्यपाल को ‘तमिल थाई वाझथु’ को प्राथमिकता देनी चाहिए और तमिल लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए।
शपथ वाले दिन भी हुआ था विवाज
यह पहली बार नहीं है जब ‘तमिल थाई वाझथु’ के क्रम को लेकर विवाद हुआ है। 10 मई को जब विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब भी इसी तरह का विवाद सामने आया था। उस समय भी तमिल गान को ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ के बाद तीसरे स्थान पर गाया गया था। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) के राज्य सचिव पी शनमुगम ने बताया कि जब यह मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने उठाया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया था कि राज्यपाल की उपस्थिति वाले सभी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ पहले गाया जाएगा। ‘तमिल थाई वाझथु’ को पारंपरिक रूप से राज्य सरकार के कार्यक्रमों की शुरुआत में गाया जाता है।
आईयूएमएल विधायक टीवीके सरकार में शामिल
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के शीर्ष नेता केएम कादर मोहिदीन ने आज घोषणा की कि उनकी पार्टी मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होगी। एक उच्च-स्तरीय पार्टी बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मोहिदीन ने कहा कि पार्टी ने विजय के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा बनने का फैसला किया है। आईयूएमएल ने अपने विधायक एएम शाहजहां को कैबिनेट में शामिल करने की सिफारिश करने का भी निर्णय लिया है।






