सेंट्रल रिज के संरक्षण के लिए कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा: अमित शाह


नयी दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरकार यहां सेंट्रल रिज की जैव विविधता, मिट्टी और पानी की रक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाएगी। शाह ने यहां दिल्ली सरकार के मेगा पौधारोपण अभियान का उद्घाटन करने के बाद कहा कि जामुन, आम, अर्जुन और नीम जैसे पेड़ रिज पर लगाए जाएंगे, क्योंकि ये 100 वर्षों तक जीवित रहते हैं। विशाल पौधारोपण अभियान का लक्ष्य शहर में 70 लाख पौधे लगाना है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अगले चार वर्षों में एक करोड़ स्थानीय वृक्ष प्रजातियों, 23 लाख बड़ी वृक्ष प्रजातियों और 65 लाख झाड़ियों और औषधीय पौधों के रोपण के माध्यम से रिज क्षेत्र के 6,300 हेक्टेयर क्षेत्र को हरित आवरण प्रदान करेगी। शाह ने यह भी बताया कि रिज क्षेत्र को “ग्रीन रिज” में बदलने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस योजना के तहत 100 जलाशय विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, रेस्तरां और “नक्षत्र वन”, “तीर्थंकर वन” तथा “वर्णन वन” जैसे छोटे-छोटे उद्यान भी बनाए जाएंगे, ताकि दिल्ली को हरित और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि रिज की जैव विविधता, मिट्टी और पानी के संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए कानूनी संरक्षण का उपयोग किया जाएगा।
गृह मंत्री ने 300 ई-बसों को भी हरी झंडी दिखाई और नरेला में एक कड़ी सुरक्षा वाले जेल की डिजिटल माध्यम से आधारशिला रखी, नंद नगरी में तीन बस डिपो और एक स्वचालित वाहन परीक्षण स्टेशन का उद्घाटन किया।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले सप्ताह, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दिल्ली में डेयरियों से गाय का गोबर भी यमुना नदी में नहीं बहाया जाएगा। शाह ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यमुना की सफाई के लिए 129 सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) चालू हैं और 29 अन्य पर काम चल रहा है।





