द्रमुक गठबंधन 200 से अधिक सीट जीतेगा, ‘भाजपा के इशारों पर नाच रही’ अन्नाद्रमुक: स्टालिन

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम के स्टालिन ने 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 200 से अधिक सीट मिलने का शनिवार को दावा किया और ‘आॅल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम’ (अन्नाद्रमुक) पर ”दिल्ली के इशारों पर नाचने” का आरोप लगाया।
स्टालिन ने कहा कि अन्नाद्रमुक की न कोई विचारधारा है और न सिद्धांत तथा ”दिल्ली भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) उसका मुख्यालय” है।” स्टालिन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से साक्षात्कार में कहा कि द्रविड़ मॉडल शासन के पांच वर्ष के दौरान उनकी सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं जिनमें ‘कलैगनार महिला अधिकार योजना’ के तहत हर महीने 1,000 रुपये, महिलाओं के लिए नि:शुल्क बस यात्रा, स्कूली बच्चों के लिए नाश्ता योजना और दो लाख किसानों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देना शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ”लोगों ने मेरी पार्टी पर अपार प्रेम और भरोसा जताया है। उनके समर्थन से धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) 200 से अधिक सीट जीतकर ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ सरकार बनाएगा।” राज्य की 234 विधानसभा सीट के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा। स्टालिन ने अन्नाद्रमुक नेताओं के लिए ”गुलाम” जैसे कड़े शब्द के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा, ”जिन लोगों ने तमिलनाडु के सारे अधिकार गिरवी रख दिए, उन्हें और कहा जाए? जो दिल्ली के इशारों पर नाचते हैं, उन्हें और क्या कहा जाए?” स्टालिन (73) ने साक्षात्कार के दौरान कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे की बातचीत, उनके परिवार पर लगे आरोपों और राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति समेत कई मुद्दों पर बात की।
यह पूछे जाने पर कि क्या 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे की बातचीत ”दशकों में सबसे कठिन” बातचीत थी, उन्होंने कहा, ”सीट बंटवारे की बातचीत में ऐसा होना सामान्य बात है। बातचीत सौहार्दपूर्ण ढंग से पूरी हुई और गठबंधन उम्मीदवारों की जीत के लिए नेता एवं कार्यकर्ता मैदान में हैं।” उन्होंने कहा कि 2019 से यह गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ रहा है तथा इसे और मजबूत करने के लिए अधिक दल इसमें शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा, ”केवल तमिलनाडु में ही नहीं, हमारा गठबंधन पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी शानदार जीत दर्ज करेगा।” पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीट के लिए नौ अप्रैल को मतदान हुआ था। स्टालिन ने अन्नाद्रमुक के पूर्व नेता एवं तीन बार मुख्यमंत्री रहे ओ. पनीरसेल्वम को द्रमुक में शामिल किए जाने के सवाल पर कहा, ”लोग अन्नाद्रमुक की स्थिति को अच्छी तरह समझते हैं। उसके पास न विचारधारा है, न सिद्धांत और दिल्ली भाजपा ही उस पार्टी का मुख्यालय है।”
उन्होंने कहा, ”इसीलिए द्रविड़ आंदोलन की विचारधारा को लेकर प्रतिबद्धता रखने वाले लोग इस आंदोलन के उद्गम स्थल द्रमुक में शामिल हो रहे हैं। ओ. पनीरसेल्वम ने भी वही रास्ता चुना है और वह द्रमुक में आ गए हैं।” राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) में बड़ी भूमिका के सवाल पर स्टालिन ने अपने पिता और द्रमुक के दिवंगत अध्यक्ष एम. करुणानिधि द्वारा ऐसे ही परिस्थिति में दिए एक र्चिचत कथन को याद किया और कहा कि वह अपनी सीमाओं से परिचित हैं।
स्टालिन ने अन्नाद्रमुक प्रमुख ई. के. पलानीस्वामी के इस आरोप को खारिज कर दिया कि ”मुख्यमंत्री का परिवार सत्ता का केंद्र” बन गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल ध्यान भटकाने के लिए लगाया गया काल्पनिक आरोप है। राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर अन्नाद्रमुक प्रमुख के आरोपों पर स्टालिन ने कहा कि पोल्लाची यौन उत्पीड़न मामला पलानीस्वामी नीत ”अन्नाद्रमुक सरकार के कुशासन” के दौरान महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों का प्रमाण है जिसमें एक महिला भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी तक को यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पलानीस्वामी को कानून-व्यवस्था या महिलाओं की सुरक्षा पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि उनकी पार्टी ने उन लोगों के साथ चुनावी गठबंधन किया है, जिन्होंने मणिपुर को ”ंिहसा की भूमि” में बदल दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कामकाजी महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है क्योंकि सरकार ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा, ”महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से तमिलनाडु पूरे भारत में शीर्ष पर है।”






