एमसीडी उपचुनाव : भाजपा ने सात, ‘आप’ ने तीन वार्ड पर और कांग्रेस ने एक वार्ड पर जीत हासिल की

नयी दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार हुए चुनावी मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और एमसीडी उपचुनाव की 12 में से केवल सात सीटें ही जीत पाई, जबकि पार्टी की मुख्य प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी (आप) ने तीन वार्ड पर जीत दर्ज की.
कांग्रेस ने संगम विहार ए वार्ड भाजपा (भाजपा) से छीन लिया. जिन 12 वार्डों में 30 नवंबर को उपचुनाव हुए थे, उनमें से किसी पर भी पहले कांग्रेस का कब्जा नहीं था. स्थानीय नेता शोएब इक.बाल के समर्थन वाली ऑल इंडिया फ.ॉरवर्ड ब्लॉक ने चांदनी महल में जीत दर्ज कर अपना खाता खोला और आप उम्मीदवार को पराजित किया.
राजधानी में फरवरी में सत्ता में आने के बाद भाजपा के लिए यह पहला बड़ा चुनावी मुकाबला था, इसलिए नगर निगम उपचुनाव (एमसीडी) को भाजपा की अग्निपरीक्षा माना गया था. भाजपा के पास पहले 12 में से नौ वार्ड थे, लेकिन इनमें से तीन -मुंडका, नारायणा और दक्षिणपुरी- उसके हाथ से निकलकर आम आदमी पार्टी (आप) के खाते में चले गए. हालांकि, पार्टी प्रतिष्ठित चांदनी चौक वार्ड आप से वापस लेने में सफल रही. भाजपा के सात विजयी उम्मीदवारों में से छह महिलाएं हैं.
दिल्ली निर्वाचन आयोग के अनुसार, भाजपा को 45.09 प्रतिशत वोट मिले, जबकि आप और कांग्रेस ने क्रमश? 34.97 प्रतिशत और 13.44 प्रतिशत वोट हासिल किए. परिणाम आम आदमी पार्टी (आप) के लिए मिश्रित रहे. जिन 12 वार्डों में उपचुनाव हुए थे, उनमें से पहले तीन वार्ड ‘आप’ के पास थे. ‘आप’ अल्पसंख्यक-बहुल चांदनी महल और चांदनी चौक वार्ड हार गई, जबकि पार्टी ने भाजपा को मुंडका, दक्षिणपुरी और नारायणा में पराजित किया. आप नेताओं ने कहा कि ये नतीजे संकेत देते हैं कि दिल्ली में भाजपा का जनाधार कमजोर हो रहा है, जहां वह फरवरी में 27 साल बाद विधानसभा चुनाव जीतकर सत्ता में लौटी थी.
आप की दिल्ली इकाई के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता में कहा, “यह भाजपा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लिए प्रतिष्ठा का मुकाबला था. उन्होंने हर वार्ड में प्रचार किया और घरेलू गैस सिलेंडर मुफ्त बांटे. इसके बावजूद पार्टी अपने दो पुराने वार्ड में चुनाव हार गई. वह अग्निपरीक्षा में विफल रही है.” पूर्व मुख्यमंत्री और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एमसीडी उपचुनाव के नतीजों ने दिखा दिया है कि महज 10 महीनों में जनता का भरोसा फिर से उनकी पार्टी की ओर लौट रहा है, जबकि दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा समेत भाजपा नेताओं का कहना है कि आप चांदनी महल और चांदनी चौक में अपने “भ्रष्टाचार” के कारण जनता का विश्वास खो बैठी है.
एमसीडी उपचुनाव के प्रचार के दौरान कई भाजपा नेताओं ने दावा किया था कि पार्टी 12 में से कम-से-कम 10 सीटों पर जीत हासिल करेगी. भाजपा ने दिल्ली सरकार के मंत्रियों को दो-दो वार्ड का प्रभारी बनाया था. पार्टी मुंडका वार्ड हार गई, जहां पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा प्रभारी थे. पार्टी दक्षिणपुरी और संगम विहार ए वार्ड में भी जीत दर्ज नहीं कर पाई, जहां सांसद प्रवेश कुमार वर्मा प्रभारी थे.
भाजपा के दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दो वार्डों में पार्टी की हार का अंतर बहुत कम रहा और हार के कारणों का पता लगाने के लिए परिणामों की समीक्षा की जाएगी. एमसीडी के 12 वार्ड में हुए उपचुनाव में भाजपा ने सात, आप ने तीन, जबकि कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने भी एक-एक वार्ड पर जीत दर्ज की. भाजपा उम्मीदवार सुमन कुमार गुप्ता ने चांदनी चौक वार्ड से ‘आप’ के प्रत्याशी हर्ष शर्मा को 1,182 मतों के अंतर से हराया. भाजपा ने शालीमार बाग बी वार्ड में भी जीत दर्ज की है जहां अनीता जैन ने 10,000 से अधिक मतों के अंतर से ‘आप’ प्रत्याशी बबीता राणा को हराया है.
शालीमार बाग बी वार्ड भाजपा पार्षद रेखा गुप्ता के फरवरी में विधानसभा चुनाव जीतने और दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुआ था. ‘आप’ ने मुंडका और दक्षिणपुरी वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस के सुरेश चौधरी ने भाजपा के सुभाजीत गौतम को हराकर संगम विहार ए वार्ड पर जीत हासिल की. चौधरी को 12,766 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 9,138 वोट हासिल हुए. अशोक विहार वार्ड में भाजपा की वीना असीजा और ‘आप’ की सीमा गोयल के बीच कड़ी टक्कर थी, लेकिन असीजा ने 405 मतों के अंतर से जीत हासिल की.
दिल्ली कांग्रेस प्रमुख देवेंद्र यादव ने जीत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया और संगम विहार के लोगों को बधाई दी.
ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार मोहम्मद इमरान ने आम आदमी पार्टी के मुदस्सर उस्मान को 4,692 मतों के अंतर से हराकर चांदनी महल सीट जीत ली. भाजपा ने दिचाऊं कलां और ग्रेटर कैलाश वार्ड के अलावा द्वारका-बी वार्ड भी जीत लिया, जहां से पहले कमलजीत सहरावत पार्षद थीं. सहरावत अब भाजपा सांसद हैं.
भाजपा की मनीषा रानी ने ‘आप’ की राज बाला को 9,100 मतों के अंतर से हराकर द्वारका-बी वार्ड पर जीत हासिल की. नारायणा सीट पर आम आदमी पार्टी के राजन अरोड़ा ने भाजपा के चंद्रकांत शिवानी को महज 148 वोटों से हराया. उपचुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतों की गिनती सुबह आठ बजे शुरू हुई थी.
दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना के लिए सभी व्यवस्थाएं की. मतगणना के लिए कंझावला, पीतमपुरा, भरत नगर, सिविल लाइंस, राउज एवेन्यू, द्वारका, नजफगढ़, गोल मार्केट, पुष्प विहार और मंडावली में 10 केंद्र बनाए गए थे. मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ ‘स्ट्रांग रूम’ में रखा गया था. इन उपचुनावों में मतदान 38.51 प्रतिशत रहा था, जबकि 2022 में एमसीडी के 250 वार्ड पर हुए चुनाव में मतदान प्रतिशत 50.47 था.





