प्रियंका ‘मिशन मोड’ में अमेरिका जाएंगी, ‘भारत विरोधी’ लोगों से मिलेंगी, देश को ‘बदनाम’ करेंगी: भाजपा

नयी दिल्ली. भाजपा ने सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा अपने भाई और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नक्शेकदम पर चलते हुए ”भारत विरोधी” लोगों से मिलने एवं देश को ”बदनाम” करने के लिए ”मिशन मोड” पर अमेरिका की यात्रा पर जाने वाली हैं. प्रियंका या कांग्रेस की ओर से भाजपा के आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”सुना है कि प्रियंका गांधी अपने भाई राहुल गांधी की तरह भारत को बदनाम करने के मिशन पर अमेरिका जा रही हैं. वहां उनका स्वागत जॉर्ज सोरोस जैसे भारत विरोधी लोग करने जा रहे हैं.” पूर्व राज्यसभा सदस्य ने कहा कि उन्हें यह पता होना चाहिए कि इस तरह का ”स्टंट” उन पर ”बहुत ज्यादा” भारी पड़ेगा. हालांकि, इस्लाम ने प्रियंका गांधी की अमेरिका यात्रा के बारे में कोई और जानकारी साझा नहीं की.
भाजपा की एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता शाज़िया इल्मी ने ”पारदर्शिता” की मांग करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2015 से अब तक 247 विदेश यात्राएं की हैं और इनमें से कई यात्राओं को ”निजी” घोषित किया गया है, जिनमें बैठकों, एजेंडा या वित्तपोषण का कोई खुलासा नहीं किया गया है.
उन्होंने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, ”सोरोस से जुड़े संगठनों, एफईएस मंचों, ओएसएफ द्वारा वित्तपोषित संस्थानों में बार-बार उपस्थिति दर्ज कराते हुए विदेशों में भारत के लोकतंत्र पर हमला करना. अब राहुल जर्मनी में, प्रियंका अमेरिका में-वही पैटर्न, वही स्क्रिप्ट.” इल्मी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की ऐसी विदेश यात्राओं के बाद, भारत में ”सड़कों पर प्रदर्शन, संस्थानों पर सवाल उठाने वाली वैश्विक रिपोर्ट और बयान, और सीएए, कृषि कानूनों, अदाणी पर हमलों जैसे विरोध प्रदर्शन देखने को मिलते हैं”.
उन्होंने कहा, ”जब भी भारत में सुधारों पर बहस होती है या विरोध प्रदर्शन होते हैं, गांधी भाई-बहन सोरोस से जुड़े मंचों पर विदेशों में दिखाई देते हैं और भारत के लोकतंत्र पर सवाल उठाते हैं. यह संयोग है या मिलीभगत?” इल्मी ने पूछा, ”इन यात्राओं का खर्च कौन उठाता है? इन्हें कौन जानकारी देता है?” भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि देश ने अतीत में देखा है कि कैसे अमेरिका में बैठे अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस और उसके करीबी सहयोगी, ”जो भारतीय लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते”, राहुल गांधी के साथ बैठकों में देखे गए हैं.
भंडारी ने ‘एक्स’ पर कहा, ”राहुल गांधी के जर्मनी में एक सप्ताह बिताने के बाद, अब प्रियंका वाद्रा अमेरिका जा रही हैं. गांधी-वाद्रा परिवार के ये भाई-बहन इन विदेश यात्राओं पर किन लोगों से मिल रहे हैं, और इन ‘गैर-सरकारी’ यात्राओं का उद्देश्य क्या है?” उन्होंने कहा, ”देश पारदर्शिता और जवाब की मांग करता है.” भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता सी आर केशवन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की ”वर्तमान भारत बदनाम यात्रा” का मुख्य एजेंडा भारत का अपमान करना और इसके लोकतंत्र को कमजोर करना था. केशवन ने यह बात कांग्रेस नेता की हाल ही में हुई जर्मनी यात्रा के संदर्भ में कही.
उन्होंने कहा, ”आखिर राहुल गांधी को कॉर्नेलिया वॉल जैसी हस्तियों के साथ घूमते-फिरते क्यों देखा जाएगा, जिनके जॉर्ज सोरोस द्वारा वित्त पोषित संस्थानों और संस्थाओं से घनिष्ठ संबंध हैं?” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सोरोस का ”नापाक एजेंडा” भारत को अस्थिर करना है और कांग्रेस ने हमेशा ”एफडीएल-एपी फाउंडेशन तथा हिंडनबर्ग जैसी संस्थाओं के साथ अपने जुड़ाव को लेकर टालमटोल” की है, जिनका जॉर्ज सोरोस से जुड़े संगठनों से घनिष्ठ संबंध है. केशवन ने कहा कि राहुल गांधी ने पूर्व में अमेरिकी सांसद इल्हान उमर से मुलाकात की थी, जिन पर उन्होंने आरोप लगाया कि वह ”भारत विरोधी प्रमुख पैरोकार और आजाद कश्मीर की कट्टर समर्थक” हैं.
उन्होंने पूछा कि ऐसा क्यों है कि हर ”भारत विरोधी” को राहुल गांधी में ”मित्र और सहयोगी” मिल जाता है.केशवन ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा कि अब सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा के भी विदेश जाने की खबरें आ रही हैं. उन्होंने कहा कि भारत और इसके लोगों को राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी की विदेश यात्राओं के पीछे के ”वास्तविक इरादे और कारण” जानने का अधिकार है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने भी कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा और ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, ”मैंने सुना है कि जर्मनी में सोरोस के साथ गांधी परिवार की बैठक का समय तय हो गया है.” आलोक ने आरोप लगाया, ”भाई-बहन राहुल और प्रियंका की यह जोड़ी गुपचुप तरीके से अमेरिका जा रही है और अब अमेरिका में भारत के खिलाफ एक नया एजेंडा तैयार करेगी.”





