बठिंडा में तनाव: डीसी दफ्तर की तरफ बढ़ रहे किसानों और पुलिस के बीच झड़प, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े

बठिंडा: बठिंडा में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के घेराव के लिए बढ़ रहे किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इसके बाद किसानों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने बड़ी संख्या में आंसू गैस के गोले छोड़े। जानकारी के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता और नेता जिउंद गांव में एकत्र हो रहे थे, ताकि बठिंडा स्थित डिप्टी कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया जा सके। जब पुलिस को इसकी जानकारी मिली, तो बड़ी संख्या में पुलिस बल ने गांव को घेर लिया।

इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच झड़प हो गई, जिसमें कुछ किसानों को मामूली चोटें भी आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भारी संख्या में आंसू गैस के गोले दागे।

पुलिस किसी भी हालत में किसानों को बठिंडा पहुंचने से रोकने पर अड़ी हुई है, जबकि दूसरी ओर किसान हर हाल में बठिंडा पहुंचने की जिद पर हैं। किसानों को बठिंडा आने से रोकने के लिए पुलिस ने कड़ी नाकाबंदी कर रखी है।

पुलिस ने की है कड़ी नाकाबंदी

किसानों के धरने को रोकने के लिए एक हजार से अधिक पुलिस कर्मी नाकों पर तैनात हैं। सिपाही से लेकर डीआईजी तक के पुलिस कर्मी एवं अधिकारी मैदान पर डटे हुए है।

किसान नेता शिंगारा सिंह मान ने बीती रात एक वीडियो जारी करके कहा कि किसान हर हालत में धरना देने पहुंचेगें।

भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने बताया कि पिछले 11 माह से उनके किसान साथी जेल में बंद है। जिनकी रिहाई को लेकर वो समय समय पर प्रशासन को मिलकर मांग पत्र भी दे चुके हैं, लेकिन आज तक किसानों को रिहा नहीं किया गया।

उन्होंने बताया कि छह फरवरी को जब किसान धरना देने बठिंडा के डिप्टी कमिशनर कार्यालय समीप पहुंच रहे थे तो भारी पुलिस फोर्स ने उन्हें रामपुरा के गांव जेठूके पास रोक लिया और किसानों को भगाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और लाठियां तक किसानों पर चला दी थी।

किसान नेता मान ने कहा कि अब 18 फरवरी बुधवार को जब किसानों ने धरने का एलान किया तो पुलिस प्रशासन ने किसान नेताओं के साथ बैठक करनी शुरू कर दी और धरने को रोकने का प्रयास किया।

जब किसानों को लगा कि राज्य सरकार एवं पुलिस प्रशासन लोकतंत्र की हत्या करते हुए धरना प्रदर्शन करने वाले किसानों को रोकना चाह रहा है, तो किसानों ने अब डिप्टी कमिशनर कार्यालय के समीप धरना देने का निर्णय लिया है।

दूसरी तरफ जिला पुलिस के अलावा पंजाब के अलग अलग जिलों से एक हजार से अधिक पुलिस कर्मी बठिंडा की हदों पर नाकाबंदी करके तैनात किए गए हैं।

पुलिस फोर्स का मकसद किसानों को शहर में ना घुसने देना है। जिस के चलते हर चाैराहे पर पुलिस द्वारा नाकाबंदी की गई है। वहीं एसएसपी एवं डीआईजी लगातार मैदान में डटे हुए है। इसके अलावा बठिंडा चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर रामपुरा के समीप भारी पुलिस फोर्स तैनात करके बेरिकेड लगाए गए हैं, ताकि किसानों को आगे बढ़ने से रोका जाए।

उगराहां के जिला प्रधान चरण सिंह नूरपुरा चकमा देकर बठिंडा रवाना
कई महीनों से जेल में बंद किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) द्वारा बठिंडा के डीसी दफ्तर के सामने धरने का आह्वान था। जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने बुधवार तड़के किसान नेताओं को नजरबंद करने के लिए कई टीम बनाकर उनके घरों पर एक साथ दबिश दी है।

थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह ने बताया कि बीकेयू उगराहां किसान नेता मनजीत सिंह बुढेल के घर पर दबिश देकर उन्हें थाने बुलाया गया था, लेकिन उनकी बेटी की अमृतसर से फ्लाइट होने के कारण किसान नेता को जाने दिया गया। उधर रायकोट सदर पुलिस ने यूनियन के जिला अध्यक्ष चरण सिंह नूरपुरा के घर पर दबिश दी लेकिन वो चकमा देकर बठिंडा रवाना हो गए। चरण सिंह नूरपुरा ने फोन पर बताया कि पुलिस ने उनकी तलाश में गांव और अन्य कई जगहों में दबिश दी लेकिन वे अपने साथियों के साथ बठिंडा जाने में सफल रहे हैं। उन्होंने किसान नेताओं के घरों पर की गई छापेमारी की निंदा की है।



Show More

akhbarilal

Akhbaarilal is daily hindi news portal of Chhattisgarh. Get breaking and latest news from Indian including all states. Find latest news from Raipur. Read CG DPR News on www.akhbaarilal.in.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button