एटीएफ की बढ़ती कीमतों के बीच एअर इंडिया ने बढ़ाया ईंधन सरचार्ज, जानें आपकी जेब पर क्या असर?

नई दिल्ली: होर्मुज संकट के बीच टाटा समूह के स्वामित्व वाले एयरलाइन एअर इंडिया ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। आइए, आसान सवाल-जवाब के जरिए सरचार्ज के बढ़ने से कीमतों पर पड़ रहे असर के बारे में समझते हैं।

एअर इंडिया ने फ्यूल सरचार्ज में कितनी बढ़ोतरी की है और यह कब से लागू होगा?
एअर इंडिया ग्रुप ने घरेलू उड़ानों के लिए 299 रुपये से लेकर 899 रुपये तक का फ्यूल सरचार्ज वसूलने का एलान किया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह सरचार्ज 24 डॉलर से 280 डॉलर के बीच तय किया गया है। नया सरचार्ज 8 अप्रैल से लागू हो गया है। एअर इंडिया का यह फैसला किफायती उड़ान सेवा देने वाली समूह की एयरलाइन एअर इंडिया एक्सप्रेस पर भी समान रूप से लागू होगा।

सरचार्ज का यह नया मॉडल क्या है और इसे कैसे लागू किया जाएगा?
सरकार ने हाल ही में घरेलू ATF कीमतों में बढ़ोतरी को अधिकतम 25 फीसदी तक सीमित (कैप) करने का फैसला किया था। सरकार के इस कदम के बाद एअर इंडिया ने एक संतुलित रुख अपनाते हुए फ्लैट घरेलू सरचार्ज की जगह दूरी पर आधारित ग्रिड प्रणाली लागू की है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विमानन ईंधन की कीमतों पर ऐसी कोई राहत न होने के कारण, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के फ्यूल सरचार्ज में अधिक महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

क्या यह नया सरचार्ज दुनिया भर के सभी रूट्स पर लागू है?
फिलहाल कुछ देशों को इस तत्काल वृद्धि से बाहर रखा गया है। बांग्लादेश और सुदूर पूर्व के गंतव्यों जैसे जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के लिए फ्यूल सरचार्ज में बदलाव पर अभी फैसला होना बाकी है। एयरलाइन के अनुसार, इन रूट्स पर सरचार्ज बढ़ाने के लिए जरूरी विनियामक मंजूरियां मिलने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

एयरलाइंस पर लागत का इतना दबाव क्यों बढ़ रहा है?
इसके पीछे मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर जेट फ्यूल की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि है। इसे निम्न आंकड़ों से समझा जा सकता है:
आईएटीए डेटा: इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, 27 मार्च को समाप्त सप्ताह में वैश्विक औसत जेट ईंधन की कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर थी। यह लगभग 100 प्रतिशत का भारी उछाल है।
कुल लागत में हिस्सेदारी: किसी भी एयरलाइन के संचालन में एटीएफ की हिस्सेदारी कुल लागत का लगभग 40-45 प्रतिशत होती है।
क्रैक स्प्रेड में उछाल: कच्चे तेल से बनने वाले एटीएफ के रिफाइनरी मार्जिन (क्रैक स्प्रेड) में महज तीन सप्ताह के भीतर करीब तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 27.83 डॉलर प्रति बैरल था, जो 27 मार्च तक बढ़कर 81.44 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
क्या एअर इंडिया पूरा बोझ ग्राहकों पर डाल रही है, और क्या अन्य एयरलाइंस भी ऐसा कर रही हैं?
एयर इंडिया ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर लगाया गया सरचार्ज जेट ईंधन की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि की पूरी भरपाई नहीं करता है। कंपनी अभी भी बढ़ी हुई लागत का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है। जहां तक अन्य एयरलाइंस की बात है, देश की एक अन्य प्रमुख घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने भी अपने फ्यूल सरचार्ज में पहले ही बढ़ोतरी कर दी है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में भारी उछाल ने वैश्विक स्तर पर एयरलाइंस के लिए हाल के वर्षों का सबसे चुनौतीपूर्ण माहौल पैदा कर दिया है। ऐसे में लागत को संतुलित करने के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाना एयरलाइंस की आर्थिक मजबूरी बन गया है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक एविएशन सेक्टर पर दबाव और हवाई सफर महंगा बना रह सकता है।



Show More

akhbarilal

Akhbaarilal is daily hindi news portal of Chhattisgarh. Get breaking and latest news from Indian including all states. Find latest news from Raipur. Read CG DPR News on www.akhbaarilal.in.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button