एक और पति का कत्ल: शराब की लत, पिटाई-गुस्सा और हत्या, लाश बाथरूम में दफनाने से फर्श कराने तक की कहानी

आगरा: आगरा में पति की हत्या की हत्या कर शव बाथरूम में दफनाने के मामले में जेल भेजी रूबी ने कई जानकारी पुलिस को दी हैं। इससे हत्या की वजह साफ हो गई। पहले पुलिस को एक एंगल प्रेम संबंध का लग रहा था। प्रारंभिक पूछताछ और जांच में पुष्टि नहीं हुई। यही समझ आया कि शराब, पिटाई और गुस्सा हत्या की मुख्य वजह बना है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के मुताबिक, पति की हत्या में पत्नी के अलावा किसी दूसरे के शामिल होने का अंदेशा था लेकिन रूबी शर्मा से पूछताछ में इस तरह की कोई बात नहीं निकली। मोहल्ले वालों से भी जानकारी की गई। वह भी रूबी का कोई कसूर नहीं बता रहे थे। यही कह रहे थे कि सुरेंद्र ने पूरा घर बर्बाद कर दिया था।
छह साल से काम करना बंद कर दिया था। घर में झगड़ा करता था। इससे बच्चे परेशान थे। 16 मई को वह भरतपुर में अपने मामा के घर गया था। तब वहां झगड़ा करके आया था। वह घर आया और रूबी से झगड़ा करने लगा। उसने मना किया तो पिटाई की। इसके बाद मामा के घरवालों से झगड़ने के लिए रूबी को भी लेकर गया। मामा के घरवालों ने उसे भी भगा दिया। सुरेंद्र को लगा कि पत्नी ने ठीक से बात नहीं की। इस पर वो उससे झगड़ने लगा और पिटाई लगा दी। रूबी गुस्से में आ गई। उसने मन में ठान लिया कि अब उसे छोड़ेगी नहीं।
पति वैसे भी घर में कोई काम नहीं करता है। इसलिए उसकी हत्या कर दी। सुबह मामा के घर से फोन भी आया। वो फिर से धमकाने लगे। कहा कि अब उसे पुलिस पकड़ लेगी। घर पर दबिश देने आ रही है। इस पर उसे मौका मिल गया। सास और बेटियों को जेठ के घर भेज दिया। इसके बाद शव को बाथरूम में दफना दिया।
रिश्तेदारों से लड़कर आया था सुरेंद्र
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले ही पति भरतपुर रिश्तेदार के घर गया था। वहां पर झगड़ा करके आया था। घर आकर भी झगड़ा किया था। उसने सोच लिया कि अब उसे नहीं छोड़ेगी। पति ने खाने के लिए मीठा मांगा था। तब ही उसने खीर बनाई और नींद की गोलियां मिलाकर पति को खिला दी।
क्राइम सीन का दोहराव कर सकती है पुलिस
पुलिस विवेचना में किसी तरह की चूक न रह जाए, इसका पता करने के लिए पुलिस क्राइम सीन का दोहराव कर सकती है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि एक महिला पूरी घटना को कैसे अंजाम दे सकती है। इसकी पुख्ता पुष्टि के लिए फोरेंसिक लैब को पत्र लिखा जाएगा। वैज्ञानिकों की टीम मृतक के वजन और लंबाई के पुतले को रखेंगी। यह देखा जाएगा कि महिला इतना वजन अकेले कैसे खींचेगी। बाथरूम में शव को कैसे दफनाया जा सकता है।
फिल्म और वेब सीरीज देख तैयार की पटकथा
रूबी पति की हरकतों से आजिज आ गई थी। उसने पूछताछ में बताया कि वह सिलाई का काम करती थी। पति ने कुछ दिन पहले डिलीवरी बॉय का काम छोड़ दिया था। शराब पीकर घर में लड़ाई करना रोज का काम था। खुद कोई मदद नहीं करता था और जो रुपये वह कमाती थी, उन्हें भी शराब के लिए मांगता था। रुपये नहीं देने पर पिटाई करता था।
कुछ दिनों से उसने बेटियों के साथ भी दुर्व्यवहार शुरू कर दिया था। उसने रोज- रोज की कलह को जड़ से खत्म करने की साजिश रचना शुरू कर दिया था। फिल्मों और वेब सीरीज देख कर हत्या का प्लान बनाया था। पूछताछ में रूबी ने बताया कि घर के पड़ोस में काम चल रहा था। यह समय उसको सही लगा। 17 मई की रात को पति बाजार से मीट लेकर आए। घर पर ही शराब पी और मीट खाया। इस दौरान भी पति गाली-गलौज कर रहे थे। पति को मीठा पसंद था। उनके मीट खाने के बाद उसने खीर बनाई। पहले से रखी नींद की गोलियां पीस कर मिला दीं।
पति नशे में खीर खा गया। कुछ देर बाद ही सो गया। वह भी पति के साथ ही सो गई। तीन बजे नींद खुली तो उसने पहले पति की सांसें चेक की। हरकत नहीं होने पर सीने पर कान लगाकर धड़कन सुनने का प्रयास किया। पति के मरने की पुष्टि के बाद सुबह सात बजे सास कमला देवी और दोनों बेटियों को जगाया।
400 में खरीदा मलबा, 500 रुपये में बनवाया फर्श
रूबी ने पुलिस को बताया कि पड़ोस के घर में निर्माण कार्य हो रहा था। उसने वहां मलबा डालने आए ट्राली वाले से आधी ट्राली मलबा मंगा लिया था। वह घर के बाहर ही मलबा छोड़ गया। उसने पहले फावड़े से बाथरूम का फर्श खोदा। गड्ढा करने के बाद घसीटते हुए पति की लाश को बाथरूम में लेकर आई। शव को गड्ढे में डाला और गलाने के लिए घर में रखा नमक भी डाल दिया।
बाहर से बाल्टी में भरकर मलबा अंदर लाकर बाथरूम में डाला। इसके बाद धुरमुठ मांग कर मलबे को समतल कर दिया। बाथरूम में शौचालय की सीट पहले एक फीट ऊंची थी। मलबा डालने के बाद पूरी जमीन को एक लेबल में किया। खुद जाकर सीमेंट की बोरी, चंबल और बालू खरीदे। पड़ोसी की मदद से एक लेबर से बात की। 19 मई को लेबर अपने एक साथी के साथ आया और 500 रुपये लेकर एक घंटे में बाथरूम का फर्श बना दिया। किसी को शक नहीं हो इसलिए घर पर ताला लगाकर खुद भी जेठ के घर चली गई। वहां पति के पुलिस के डर से कहीं चले जाने की कहानी बना दी। परिवार को शक न हो, इसलिए गुमशुदगी भी दर्ज करा दी।






