मुंबई से सूरत तक बारिश की मार, अमित शाह ने दिया मदद का आश्वासन, UP समेत अन्य राज्यों की क्या तस्वीर?

देशभर में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक तक कई राज्यों में बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। सबसे ज्यादा असर मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में देखने को मिला, जहां भारी बारिश के कारण रेल सेवाएं प्रभावित हो गईं, कई इलाकों में जलभराव हो गया और हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसा ही हाल कुछ गुजरात और कई राज्यों में भी हैं। इन हालातों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। केंद्र सरकार ने बारिश से प्रभावित राज्यों में मदद का आश्वासन दिया।
मुंबई में बुधवार सुबह गरज-चमक के साथ फिर तेज बारिश शुरू हुई। इसका सबसे ज्यादा असर लोकल और लंबी दूरी की रेल सेवाओं पर पड़ा। मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे की लोकल ट्रेनें 25 से 30 मिनट की देरी से चलीं। वसई-विरार सेक्शन में जलभराव के कारण गुजरात की ओर जाने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित हुईं। अब तक 39 ट्रेनें रद्द, 21 ट्रेनों का सफर बीच में समाप्त किया गया और 46 ट्रेनों का समय बदला गया है। मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर भोर घाट में हुए भूस्खलन के कारण भी कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। मंगलवार को 200 से ज्यादा उपनगरीय ट्रेन सेवाएं रद्द करनी पड़ी थीं। कई यात्रियों को घुटनों तक भरे पानी में रेलवे ट्रैक पर पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
मुंबई और सूरत में बारिश से क्या हालात बने?
भारी बारिश के कारण मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली सात झीलों में से तुलसी और विहार झील ओवरफ्लो हो गई हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अनुसार, दोनों झीलों में जलस्तर क्षमता तक पहुंच गया है, जबकि शहर के सभी जलाशयों में कुल जल भंडारण अभी भी करीब 41 प्रतिशत है। उधर, दक्षिण गुजरात के सूरत क्षेत्र में सचिन स्टेशन के पास जलभराव होने से मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक रेल यातायात प्रभावित रहा। पानी कम होने के बाद सेवाएं बहाल कर दी गईं। मौसम विभाग ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने और समुद्र में ऊंचे ज्वार की भी चेतावनी दी है।
दिल्ली में बारिश से मौसम कैसे बदला?
दिल्ली में मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी से राहत दिला दी। सुबह से ही घने बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलीं। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सफदरजंग में 11.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि नजफगढ़ में सबसे ज्यादा 76 मिमी बारिश दर्ज की गई। हालांकि बारिश के कारण आईटीओ, मिंटो ब्रिज, धौला कुआं, रिंग रोड, नारायणा, जनकपुरी, द्वारका और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लगा। मौसम विभाग ने राजधानी में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और बिजली चमकने की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश में मानसून ने कितनी रफ्तार पकड़ी?
उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय हो गया है। मंगलवार को पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी तराई तक कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। सबसे अधिक 70 मिमी बारिश सोनभद्र में दर्ज की गई। इसके अलावा ललितपुर में 69 मिमी, प्रयागराज में 58 मिमी और मिर्जापुर में 50 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। बरेली, बिजनौर, रामपुर, सहारनपुर, शामली, मेरठ और पीलीभीत समेत कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा और फिरोजाबाद सहित 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लखनऊ में भी दिनभर बादल छाए रहे और हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में प्रदेश के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है।
हरियाणा और कर्नाटक में बारिश का कितना असर पड़ा?
हरियाणा के गुरुग्राम में लगातार बारिश के कारण नरसिंहपुर इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 का एक हिस्सा धंस गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने प्रभावित हिस्से पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जा रही है। वहीं, कर्नाटक में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए शिवमोग्गा जिले के होसानगर तालुक में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
देशभर में आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक और आसपास के राज्यों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। निचले इलाकों में जलभराव, तेज हवाएं, बिजली गिरने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।






