धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार कल तक करे विचार, सीजेपी ने बैठक में रखी तीन शर्तें


नई दिल्ली: नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन जारी है। सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। वह पिछले 26 दिनों से नीट पेपर लीक को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। दिल्ली समेत देशभर में विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच आज बैठक हुई।सीजेपी ने कहा कि जंतर-मंतर पर उनका विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
हमने सरकार के सामने तीन मांगें रखी: सीजेपी
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, ‘सरकार से 10 मिनट बातचीत हुई। हमने सरकार के सामने तीन मांगें रखीं। मृत छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा मिले। प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर हटे। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं हुआ। कल सरकार से फिर मुलाकात होगी। सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही हटा देगी। सरकार ने मुआवजे (नीट की तैयारी करने वाले उन छात्रों के परिवारों के लिए जिन्होंने आत्महत्या की) और छात्रों के खिलाफ एफआईआर और कानूनी मामले वापस लेने की दो मांगों पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।’
सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की सरकार की बैठक खत्म
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह और कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच एक बैठक हुई। इस बैठक में सीजेपी नेताओं ने सरकार को अपनी लिखित मांगें सौंप दी हैं।
सीजेपी और सरकार के बीच बातचीत शुरू
दिल्ली के वीपी हाउस में कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच बातचीत शुरू हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हैं।
नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन भी किया गया बंद
नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन अगले निर्देश तक बंद कर दिया गया है। इस स्टेशन पर कोई इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं: अभिजीत दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा, ‘हमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध बंद नहीं किया जाएगा। यह विरोध देश के युवाओं का है और यह किसी सोनम वांगचुक या दीपके तक सीमित नहीं है। यह विरोध देश के युवाओं का है, विपक्षी दलों का नहीं। अगर सरकार विरोध का समाधान चाहती है, तो यह केवल धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। मुझे लगता है कि सरकार ने सोनम वांगचुक को हिरासत में रखा था। जेपी नड्डा उनसे मिल सकते थे, लेकिन कोई भी विपक्षी सांसद उनसे नहीं मिल सका। यहां तक कि हम भी उनसे नहीं मिल सके। मुझे बहुत खुशी है कि सोनम सर ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।’






