छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर राज्यसभा में हंगामा, कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित


नयी दिल्ली: राज्यसभा में नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों का हंगामा सोमवार को भी जारी रहा जिसके कारण उच्च सदन की बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए। बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने ग्लासगो में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता का उल्लेख किया और उन्हें बधाई दी। इन खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य जीतकर चौथा स्थान हासिल किया।
सभापति ने अपनी ओर से और पूरे सदन की ओर से इन खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि ये खिलाड़ी आगे भी अपनी मेधा से देश को गौरवान्वित करेंगे। इसके बाद सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और शून्यकाल शुरू करते हुए मुद्दे उठाने के लिए सदस्यों के नाम पुकारे।
इसी दौरान विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। ये सदस्य, पिछले महीने दिल्ली तथा अन्य राज्यों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने के मुद्दे पर गृह मंत्री से जवाब देने की मांग कर रहे थे।
विपक्षी सांसदों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर भी नारे लगाए।
कुछ सदस्यों ने तख्तियां दिखाईं जिस पर आपत्ति जताते हुए सभापति ने कहा कि सदन में तख्तियां नहीं दिखाई जा सकतीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का आचरण नियमों के अनुरूप नहीं है और ऐसा जारी रहने पर कार्रवाई की जाएगी। कुछ सदस्य अपने स्थानों से उठ कर आगे की ओर आ गए। हालांकि वे आगे की पंक्तियों तक ही रुके, और नारेबाजी जारी रखी।
सभापति ने शून्यकाल चलाने का प्रयास करते हुए सदस्यों के नाम पुकारे और उनसे लोकमहत्व से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाने के लिए कहा । हंगामे के बीच ही भारतीय जनता पार्टी की दर्शना ंिसह, डॉ अलका गुर्जर और मनोनीत सदस्य उज्ज्वल निकम ने लोक महत्व से जुड़े अपने अपने मुद्दे उठाए।
हंगामे के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन सभापति ने कहा कि पहले विपक्षी सदस्य नारेबाजी बंद करें और अपनी-अपनी सीटों पर लौट जाएं। विपक्षी दलों ने सभापति से विपक्ष के नेता को वक्तव्य देने की अनुमति देने का आग्रह किया, लेकिन लगातार जारी नारेबाजी के कारण खरगे को बोलने का अवसर नहीं मिला। कई सदस्य अपनी सीटों पर लौट आए, लेकिन हंगामा और नारेबाजी जारी रहने के कारण सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।






