MP के बाद अब तेलंगाना में जहरीला पानी, हैदराबाद के जेबी कॉलोनी के घरों में आ रहा दूषित जल


हैदराबाद: देश में पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में इंदौर में सामने आए दूषित जल संकट के बाद अब तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से भी ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया है। हैदराबाद की जेबी कॉलोनी में लोगों के घरों में नलों से काला और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
घरों में आ रहा काला पानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वे इस समस्या को लेकर संबंधित विभागों से शिकायत कर रहे हैं। एक निवासी ने बताया हम लगातार दूषित पानी की शिकायत कर रहे हैं। अधिकारी आए, जांच की और कहा कि समस्या ठीक कर दी गई है, लेकिन आज भी कई घरों में पूरी तरह काला पानी आ रहा है।
इंदौर केस से मिलती-जुलती स्थिति
यह स्थिति हाल ही में इंदौर में सामने आए जल प्रदूषण मामले की याद दिलाती है, जहां गंदे और सीवेज मिले पानी की सप्लाई से कई लोगों की मौत तक हो गई थी। दोनों ही मामलों में नागरिकों ने समय रहते शिकायत की, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
खोरधा में बच्चों की बीमारी की जांच तेज, पानी या खाने से संक्रमण की आशंका
इसके अलावा, ओडिशा के खोरधा जिले में सामने आए बच्चों के बीमार पड़ने के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रंजन मित्रा ने बताया कि जांच के लिए एक 7 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम मौके पर मौजूद है। डॉ. मित्रा के अनुसार, टीम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एक महामारी विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, तकनीशियन और प्रोग्राम मैनेजर शामिल हैं। बच्चों के पहुंचते ही उनके नमूने लिए जाएंगे और दोबारा जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि कल लिए गए 20 खून के नमूनों में से 5 की रिपोर्ट आ चुकी है, जबकि पानी के नमूनों की रिपोर्ट आज शाम या कल तक मिलने की उम्मीद है।
डॉ. मित्रा ने कहा कि पहले सामने आए 49 मामलों की जांच सरकारी अस्पतालों में नहीं हुई थी, बल्कि इनमें से अधिकांश जांच निजी लैब में कराई गई थी, इसलिए उनकी रिपोर्ट की पूरी तरह पुष्टि नहीं की जा सकती। हालांकि, कई अभिभावकों ने स्कूल प्रिंसिपल को बताया है कि उनके बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। डॉ. मित्रा ने बताया कि बीमारी का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि संक्रमण पानी, खाने या दोनों से फैल सकता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





