सोनम वांगचुक ने 27वें दिन तोड़ा अनशन, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद लिया फैसला

नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है। शुक्रवार को उनके आंदोलन का 27वां दिन था, जब सूत्रों के हवाले से यह बड़ी खबर सामने आई।
<strong>पीएम मोदी के संदेश का हुआ असर</strong>
सोनम वांगचुक ने यह बड़ा फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रों के नाम जारी किए गए एक वीडियो मैसेज के बाद लिया। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री के आश्वासन के बाद वांगचुक अनशन खत्म करने के लिए सहमत हुए।
<strong>केंद्रीय मंत्रियों ने अस्पताल पहुंचकर तुड़वाया अनशन</strong>
अनशन के कारण वांगचुक की सेहत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह खुद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वांगचुक से मुलाकात की और उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।
<strong>26 दिनों से जारी था संघर्ष</strong>
गौरतलब है कि वांगचुक नीट पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर लगातार 26 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। उनके इस कड़े रुख ने सरकार और प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी थीं, जिसके बाद अब प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप से यह गतिरोध समाप्त हुआ है।




