मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद का निर्माण करना बीएनएस के तहत अपराध: विहिप


नयी दिल्ली. विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने सोमवार को कहा कि मुर्शिदाबाद में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद का निर्माण करना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध है और पश्चिम बंगाल सरकार से निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह किया.
विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि बाबर के नाम पर मस्जिद का नाम रखने का प्रस्तावित कदम हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है और इसका सीधा संबंध “धार्मिक शत्रुता को बढ़ावा देने” से है.
विहिप नेता ने कहा, “बाबर का नाम ऐतिहासिक रूप से हिंदू धार्मिक स्थलों के विध्वंस से जुड़ा हुआ है. उसके नाम पर मस्जिद का नामकरण, और इस संबंध में दिए जा रहे बयानों को देखते हुए, यह साबित होता है कि यह न तो आकस्मिक है और न ही संयोगवश हुआ है.” उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्पष्ट रूप से “एक दुर्भावनापूर्ण कृत्य है, जिससे हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की संभावना है.” कुमार ने कहा, “इसलिए, हम आपकी सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 और 299 तथा कानून की अन्य प्रासंगिक धाराओं को लागू करते हुए विधायक हुमायूं कबीर और उनके सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानून के अनुसार कार्रवाई करे.”
छह दिसंबर को, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित नेता कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनाई जाने वाली मस्जिद की आधारशिला रखी. इससे अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले से ही ध्रुवीकृत पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया.




