तृणमूल नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने ईसाई महिला पर हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री, अमित शाह की आलोचना की

नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम. राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने बुधवार को क्रिसमस से पहले ईसाइयों पर हो रहे हमलों की खबरों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की कड़ी आलोचना की. तृणमूल कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक गिरजाघर परिसर के अंदर एक स्थानीय भाजपा पदाधिकारी कथित तौर पर महिला के साथ हाथापाई करते हुए दिखाई दे रही है.
उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह, क्रिसमस के अवसर पर इस तरह की घटनाओं पर आपकी चुप्पी बेहद चौंकाने वाली है. आप पर और आपके जैसे लोगों पर शर्म आती है.” सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में भाजपा की नगर उपाध्यक्ष अंजू भार्गव पुलिसर्किमयों की मौजूदगी में एक दृष्टिबाधित महिला पर चिल्लाती हुई दिखाई दे रही हैं. वीडियो में भाजपा पदाधिकारी कथित तौर पर महिला के साथ हाथापाई करती हुई भी नजर आ रही हैं.
मंगलवार को ‘द कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया’ (सीबीसीआई) ने क्रिसमस के दौरान विभिन्न राज्यों में ईसाइयों पर कथित हमलों में “चिंताजनक” वृद्धि की निंदा की और कहा कि इससे भारत के संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को गंभीर नुकसान पहुंचता है. यहां जारी बयान में सीबीसीआई ने कहा था कि मध्य प्रदेश के जबलपुर से आए एक वीडियो ने उन्हें “विशेष रूप से हैरान” कर दिया, जिसमें क्रिसमस कार्यक्रम में शामिल हुई दृष्टिबाधित महिला को भाजपा नेता अंजू भार्गव ने सार्वजनिक रूप से अपशब्द कहे और शारीरिक रूप से परेशान किया. कैथोलिक बिशप संगठन ने गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि कानून के सख्त पालन और ईसाई समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि क्रिसमस शांतिपूर्वक मनाया जा सके.
मुख्यमंत्री ने क्रिसमस समारोह पर हमलों की निंदा की, सांप्रदायिक असहिष्णुता के खिलाफ चेतावनी दी
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने बुधवार को देश के विभिन्न हिस्सों में क्रिसमस समारोहों पर बढ.ते हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसी घटनाएं त्योहार से जुड़े शांति के सार्वभौमिक संदेश को कमजोर करती हैं. उन्होंने इन घटनाओं को बेहद चिंताजनक करार देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, ओडिशा, छत्तीसगढ., बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में क्रिसमस समारोहों पर व्यापक हमलों की खबरें सामने आई हैं. मुख्यमंत्री यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा क्रिसमस की छुट्टी रद्द करने और संस्थानों को उसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाने और छात्रों की उपस्थिति को अनिवार्य करने के निर्देश देने का उदाहरण भी दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे फैसले क्रिसमस के महत्व को कम करने के प्रयास को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि केरल में इस तरह की घटनाएं नहीं होने की उम्मीद थी, लेकिन उस धारणा को भी कमजोर करने की कोशिश की गई है.
विजयन ने आरोप लगाया कि राज्य के डाकघरों में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबद्ध भारत मजदूर संघ ने हाल ही में यह मांग उठाई कि क्रिसमस और नए साल के समारोहों के हिस्से के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का गणगीत गाया जाए.
उन्होंने कहा कि इसके विरोध में हुए प्रदर्शनों के बाद, तिरुवनंतपुरम के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने कर्मचारियों के समूहों द्वारा डाकघरों में आयोजित किए जाने वाले क्रिसमस समारोह को रद्द करने का फैसला किया है.
मुख्यमंत्री ने पलक्कड़ के पुडुस्सेरी में बच्चों सहित एक कैरोल समूह पर हुए कथित हमले का भी जिक्र किया और इसके लिए ‘संघ परिवार’ के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने हमलावरों का बचाव करने और कैरोल समूहों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए भाजपा नेताओं की आलोचना की. उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है.
मुख्यमंत्री ने आरएसएस से संबद्ध संगठनों द्वारा कुछ निजी विद्यालयों में क्रिसमस समारोह आयोजित नहीं करने के लिए कथित तौर पर दबाव बनाने और धमकी देने की खबरों को इंगित किया, जिसके कारण कुछ संस्थानों को कार्यक्रम रद्द करने और छात्रों से एकत्र की गई धनराशि वापस करने के लिए मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि सरकार ने इन घटनाओं की तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और समारोहों में बाधा डालने या धार्मिक भेदभाव में लिप्त होने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. विजयन ने केरल में इस तरह की ताकतों के उदय के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि संविधान द्वारा गारंटीकृत मौलिक अधिकारों पर अतिक्रमण करने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा.
देशभर में ईसाइयों को ‘निशाना’ बनाया जा रहा है: कांग्रेस नेता सतीशन
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) वी डी सतीशन ने बुधवार को आरोप लगाया कि देशभर में ईसाइयों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और संघ परिवार कई राज्यों में क्रिसमस समारोहों में नियमित रूप से बाधा डाल रहा है. सतीशन ने क्रिसमस की पूर्व संध्या पर फेसबुक पर एक पोस्ट में दक्षिणपंथी समूह पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया, ”कई राज्यों में संघ परिवार द्वारा क्रिसमस समारोहों में बाधा डालना एक आम बात हो गई है. पूरे देश में ईसाइयों को निशाना बनाया जा रहा है.” उन्होंने कहा कि केरल में भी हाल में पलक्कड़ जिले में एक कैरोल समूह को रोका गया था.
भाजपा के अल्पसंख्यक संपर्क कार्यक्रम पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि क्रिसमस समारोह के दौरान दोस्ताना व्यवहार दिखाने वाले लोग वास्तव में ”भेड़ की खाल में भेडि़या” हो सकते हैं. उन्होंने किसी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि वे उन ताकतों का हिस्सा हैं जो देशभर में ईसाइयों के खिलाफ हमलों में शामिल हैं. उन्होंने बाइबिल के वितरण के खिलाफ संघ परिवार के कथित विरोधी रुख पर भी सवाल उठाया.





