दिल्ली हाईकोर्ट में CBI की अपील पर सुनवाई, केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 को नोटिस जारी

नई दिल्ली: दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई हुई। दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया था। सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पक्ष रखा।

केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 को नोटिस, ED केस में सुनवाई पर रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े केस की सुनवाई से रोक दिया है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ट्रायल कोर्ट में चल रही ईडी मामले की कार्यवाही को तब तक के लिए टाल दिया जाए, जब तक कि सीबीआई की इस याचिका पर फैसला नहीं हो जाता। वहीं, अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के स्टेटमेंट पर भी रोक लगाई। मामले में सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। आज सुनवाई के दौरान केजरीवाल मनीष सिसोदिया या अन्य किसी भी आरोपी के तरफ से कोई भी पेश नहीं हुआ था। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।

एसजी तुषार मेहता ने हाई कोर्ट में कहा कि यह मामला पूरी तरह से भ्रष्टाचार का है, इस मामले में आरोपियों द्वारा कुल 170 फोन नष्ट किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान जिस समय पूरा देश लॉकडाउन में था और आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंध था उस समय रिश्वत लेने देने के लिए प्राइवेट जेट तक का इस्तेमाल किया गया। ट्रायल कोर्ट के आदेश में अप्रूवर दिनेश अरोड़ा के बयानों को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। दिनेश अरोड़ा इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह है। उन्होंने बताया है कि मीटिंग्स में क्या हुआ। दिनेश अरोड़ा के बयानों को आरोप तय करने के स्टेज पर स्वीकार किए जाने चाहिए।

सीबीआई ने अपनी 974 पेज की लंबी याचिका में निचली अदालत के फैसले को चौंकाने वाला और गैरकानूनी करार दिया है। एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और जांच में सामने आए तथ्यों पर सही से विचार नहीं किया। याचिका में दावा किया गया है कि आबकारी नीति में साजिश रचकर कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का मामला स्पष्ट था, लेकिन निचली अदालत ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

मामला 2021-22 की दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति से जुड़ा है, जिसे आप सरकार ने लागू किया था, लेकिन भ्रष्टाचार, रिश्वत और कार्टेलाइजेशन के आरोपों के बीच जुलाई 2022 में ही रद्द कर दिया गया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि नीति को जानबूझकर इस तरह तैयार किया गया, ताकि शराब कारोबार में कुछ लोगों को एकाधिकार मिले और करोड़ों रुपये की रिश्वत का लेन-देन हुआ। 27 फरवरी 2026 को स्पेशल जज जितेंद्र सिंह की अदालत ने 598 पेज के आदेश में सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि सीबीआई का केस पूर्व नियोजित और बनावटी है। केवल बयानों पर केस बनाया गया। अदालत ने जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए थे। सीबीआई की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में 9 मार्च यानी आज सुनवाई हुई। यह मामला हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।



Show More

akhbarilal

Akhbaarilal is daily hindi news portal of Chhattisgarh. Get breaking and latest news from Indian including all states. Find latest news from Raipur. Read CG DPR News on www.akhbaarilal.in.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button