धार सड़क हादसा: गांव-गांव उठीं अर्थियां, कहीं एक ही चिता पर जले आठ शव, किसी का उजड़ गया सुहाग…


धार: धार के तिरला ब्लॉक स्थित इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक ही परिवार के चार सदस्य भी शामिल हैं। बुधवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद सभी शवों को उनके गांवों के लिए रवाना किया गया। एक साथ इतने शव होने के कारण शव वाहनों की कमी पड़ गई, जिसके चलते झाबुआ, रतलाम और उज्जैन से अतिरिक्त वाहन बुलाने पड़े।
हादसे में ग्राम नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हुई। गुरुवार सुबह सभी का अंतिम संस्कार अलग-अलग मुक्तिधामों में किया गया। घटना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे डीआईजी ग्रामीण मनोज कुमार सिंह ने प्रारंभिक जांच में ओवरस्पीडिंग को हादसे का कारण बताया, साथ ही सड़क इंजीनियरिंग और NHAI की लापरवाही भी सामने आई। घटनास्थल पर टर्न के पास न तो साइन बोर्ड थे और न ही कोई चेतावनी संकेत।
कब हुआ हादसा?
यह हादसा बुधवार रात करीब 8:30 बजे तिरला थाना क्षेत्र के चिकलिया फाटे पर हुआ। तेज रफ्तार पिकअप का टायर फटने के बाद वह सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गई।पिकअप में सवार मजदूर टक्कर के बाद वाहन से बाहर जा गिरे, जिससे मौतों की संख्या बढ़ गई। वाहन में कुल 44 मजदूर सवार थे, जो लेबड़ गांव में चुकंदर की फसल काटकर लौट रहे थे। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। घटना के बाद घायलों और शवों को तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर पहुंचीं
गुरुवार को गांवों में जब शव पहुंचे, तो माहौल बेहद भावुक हो गया। नयापुरा में एक ही परिवार के 8 लोगों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, जिससे पूरा गांव शोक में डूब गया। वहीं सेमलीपुरा में मां, बहन, बेटी और भाभी की एक साथ अंतिम यात्रा निकली और एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। यह दृश्य देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने रामपुरा, सेमलीपुरा और नयापुरा पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। शुक्रवार को धार सर्किट हाउस में हादसे को लेकर समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों ने कारणों की जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए।
कई घायलों का इलाज अभी जारी
हादसे में घायल 44 मजदूरों का इलाज धार और इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में जारी है। कई घायलों को अभी तक अपने परिजनों की मौत की जानकारी नहीं है। जिला अस्पताल धार में 9, विनायक अस्पताल में 3, महाजन अस्पताल में 4 और इंदौर के एक निजी अस्पताल में एक गंभीर घायल का आईसीयू में इलाज चल रहा है। यह हादसा न केवल 16 जिंदगियां छीन ले गया, बल्कि कई परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ गया। गांवों में एक साथ उठी चिताओं का दृश्य लंबे समय तक लोगों के दिलों में दर्द बनकर रहेगा।






