नीट पेपर लीक मामले में 10वीं गिरफ्तारी, CBI ने लातूर में कोचिंग संचालक को पकड़ा, मोबाइल पर मिला प्रश्नपत्र


नई दिल्ली: पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर शहर से एक कोचिंग संचालक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के रूप में हुई है, जो “रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC)” नाम से कोचिंग संस्थान चलाता है।
रविवार को एजेंसी द्वारा की गई तलाशी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा का एक लीक हुआ प्रश्न पत्र मिला था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
मोबाइल में मिला नीट का लीक पेपर
सीबीआई ने रविवार को आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से कथित तौर पर नीट यूजी परीक्षा का लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ। इसके बाद एजेंसी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी का आरोप है कि शिवराज मोटेगांवकर उस संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था, जो नीट यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने और उसे फैलाने में शामिल था।
23 अप्रैल को ही मिल गया था प्रश्नपत्र
सीबीआई के अनुसार, आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नीट यूजी परीक्षा से पहले ही 23 अप्रैल 2026 को प्रश्नपत्र और उसके उत्तर प्राप्त कर लिए थे। इसके बाद उसने यह पेपर कई लोगों तक पहुंचाया। फिलहाल सीबीआई मामले की जांच में जुटी हुई है और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
अब तक 10 गिरफ्तारियां
पेपर लीक मामले में सीबीआई अब तक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर समेत 10 गिरफ्तारियां कर चुकी हैं। मोटेगांवकर के अलावा अब तक मनीषा गुरुनाथ मांधरे, प्रो. पी.वी. कुलकर्णी, मांगीलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल, यश यादव, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे की गिरफ्तारी हो चुकी है।





