जमीन विवाद: सांसद यूसुफ पठान को आंशिक राहत; हाई कोर्ट से चार हफ्ते का मिला समय, साथ ही मिली ये बड़ी चेतावनी


अहमदाबाद: गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को पूर्व भारतीय क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद यूसुफ पठान को वडोदरा में एक सरकारी जमीन पर अपने दावे को आगे बढ़ाने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। हालांकि अदालत ने साफ चेतावनी दी कि यदि वह जमीन खाली करने में और देरी करते हैं तो उन्हें अधिक हर्जाना देना पड़ सकता है।
मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति डीएन रॉय की खंडपीठ ने यह राहत यूसुफ पठान के वकील की मांग पर दी। यूसुफ पठान की ओर से अदालत में कहा गया कि राज्य सरकार की एक नीति के तहत जमीन के आवंटन का दावा किया जा रहा है और उम्मीद है कि अन्य क्रिकेटरों की तरह उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।
इस सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत समय देने में कोई आपत्ति नहीं रखती, लेकिन यह ध्यान रखना होगा कि जितनी अधिक देरी होगी, उतना अधिक हर्जाना देना पड़ेगा। अदालत ने कहा कि यूसुफ पठान 2014 से इस जमीन पर काबिज हैं और इस दौरान उन्होंने एक भी पैसा नहीं चुकाया है।






