CM विजय पर टिप्पणी पड़ी भारी: पूर्व मंत्री राधाकृष्णन गिरफ्तार; क्या तमिलनाडु में सत्ता के निशाने पर विपक्ष?


तमिलनाडु: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में DMK के पूर्व मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन को शुक्रवार को तमिलनाडु के तूतीकोरिन में गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने इस मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।
कब हुई गिरफ्तारी?
पुलिस के अनुसार, राधाकृष्णन को तूतीकोरिन से करीब 23 किलोमीटर दूर ऑथूर के दौरे के दौरान हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्हें पुलिस जीप में बैठाकर ले जाया गया। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उनके समर्थक मौके पर जुट गए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
इतनी जल्दबाजी में गिरफ्तार क्यों?’
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने राधाकृष्णन की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वह अपने विधानसभा क्षेत्र के निरीक्षण पर थे, तब उन्हें इतनी जल्दबाजी में गिरफ्तार करने की क्या जरूरत थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ TVK सरकार एक महिला द्वारा अपने ही विधायक पर लगाए गए कथित गैंगरेप के आरोपों पर कार्रवाई करने के बजाय विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में अधिक रुचि दिखा रही है।
क्या यही बदलाव है?’
स्टालिन ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, ‘इतनी जल्दबाजी क्यों? क्या यही वह बदलाव है, जिसे यह सरकार लाना चाहती है? यह सरकार महिलाओं के खिलाफ हत्या, डकैती और यौन अपराध रोकने में विफल रही है और विपक्षी दलों के नेताओं को गिरफ्तार करने में व्यस्त है।’ यदि मानहानि या कथित आपत्तिजनक बयानों के आधार पर गिरफ्तारियां होने लगें, तो सरकार के कई मंत्रियों को भी जेल जाना पड़े।
‘अहंकार विनाश का रास्ता है’
स्टालिन ने मुख्यमंत्री पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि वह विधायकों की खरीद-फरोख्त और जनता के लिए कोई ठोस काम किए बिना सत्ता में बने रह सकते हैं। सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए गिरफ्तारियों का सहारा ले रही है और चेतावनी दी कि ‘अहंकार हमेशा विनाश का रास्ता बनता है।’






