आंदोलन-अनशन से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक; नीट पेपर लीक मामले में अब तक की कहानी


नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने का एलान कर दिया। प्रधान ने एक पोस्ट के जरिए कहा कि 10 दिन से उनका मन दुखी थी। इसके बाद मैंने अपना इस्तीफा पीएम नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के इस आंदोलन की शुरुआत 6 जून को हुई थी। इसमें पहली मांग ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की रखी गई थी। साथ ही नीट पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देना भी आंदोलन में एक मांग के तौर पर रखा गया था। अब इसी कड़ी में प्रधान का इस्तीफा हुआ है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह जानना अहम है कि आखिर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का यह विरोध प्रदर्शन किस बात को लेकर शुरू हुआ था? कैसे यह एक छोटे से प्रदर्शन से जंतर-मंतर पर अनशन और फिर संसद चलो मार्च से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक पहुंच गया? इसमें किसकी-क्या भूमिका रही है? इस दौरान का पूरा घटनाक्रम क्या रहा?






